अकोला जिला कारागृह में दो विचाराधीन कैदियों की लगातार मौत से मची खलबली, जेल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

Akola Crime News: अकोला जिला कारागृह में दो विचाराधीन कैदियों की इलाज के दौरान मौत से हड़कंप मच गया है। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं से जेल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
Panic in Akola District Jail after two undertrial prisoners died during treatment within two days. The tragic incidents raise serious questions about jail health safety.
अकोला जिला जेल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Akola District Jail Health system: अकोला जिला कारागृह वर्ग-1 में दो विचाराधीन कैदियों की उपचार - के दरम्यान मौत होने की चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं से कारागृह प्रशासन और पुलिस विभाग में खलबली मच गई है। मृत्यू के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है और अब शव विच्छेदन रिपोर्ट पर ही सच्चाई निर्भर है। पुलिस ने दोनों मामलों में अकस्मात मौत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मिली जानकारी के अनुसार, तेल्हारा तहसील के बेलखेड निवासी दीपक चतरकर (42) को एक हत्या प्रकरण में 22 मई को न्यायालयीन कस्टडी सुनाई गई थी। उन्हें अकोला जिला कारागृह में रखा गया था। इस बीच 25 मई की रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सर्वोपचार अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया।

लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके अगले ही दिन बुलढाना जिले के जिगाव निवासी प्रल्हाद रायपुरे की भी उपचार के दरम्यान मौत हो गई। 29 जनवरी को बुलढाना सत्र न्यायालय ने न्यायालयीन कस्टडी सुनाई थी। 26 मई की रात उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनका निधन हो गया, अस्पताल प्रशासन ने दोनों मौतों की जानकारी पुलिस को दी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठ रहे प्रश्नचिन्ह

  • लगातार दो दिनों में दो कैदियों की मौत से अकोला कारागृह की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
  • कैदियों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिलती है या नहीं, गंभीर बीमारियों की जांच कितनी प्रभावी है। इस पर चर्चा शुरू हो गई है। वर्ष 2015 में भी अकोला जिला कारागृह में चार विचाराधीन कैदियों की मौत हुई थी, जिससे राज्यभर में खलबली मच गई थी।

आकस्मिक मौत की दर्ज

दोनों मामलों में आकस्मिक मौत दर्ज की गई है। शव विच्छेदन रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा और उसी आधार पर आगे की जांच की जाएगी। - संजय गवई, पुलिस निरीक्षक, सिटी कोतवाली, अकोला

Navbharat Live
navbharatlive.com