अकोला: आश्वासन के एक हफ्ते बाद भी समस्याएं बरकरार, कचरा घंटागाड़ी चालक फिर से 'काम बंद' आंदोलन की तैयारी में

Akola Urban Waste Management News: अकोला में कचरा घंटागाड़ी चालकों का आंदोलन फिर तय। ठेकेदार ने 4 माह में शर्तें नहीं निभाईं, न्यूनतम वेतन व जनवरी का वेतन लंबित। आश्वासन के बाद भी समाधान नहीं।
Akola's garbage van drivers threaten to resume strike as promises of unpaid wages and minimum pay remain unfulfilled a week after their previous protest was called off.
अकोला में कचरा गाड़ी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Akola Garbage Ghantagadi Driver News: अकोला कचरा घंटागाड़ी वाहन चालक फिर से काम बंद आंदोलन की स्थिति में हैं। रखे हुए वेतन और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उन्होंने पहले आंदोलन किया था, जिसे आठ दिन बाद सत्ताधारी गुट के आश्वासन पर वापस लिया गया।

लेकिन आंदोलन को पीछे हटे एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। मनपा क्षेत्र में घर-घर और व्यापारिक प्रतिष्ठानों से कचरा संकलन का कार्य ठेकेदार को सौंपा गया था। चार महीने बीतने के बाद भी ठेकेदार ने अनुबंध की शर्तें पूरी नहीं कीं।

न्यूनतम वेतन दर के अनुसार भुगतान न होने और जनवरी माह का वेतन रोके जाने से चालक वर्ग परेशान है। परिवार का भरण-पोषण संकट में आ गया है। पहले आंदोलन के दौरान सत्ताधारी गुट ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे चालक वर्ग फिर से आंदोलन की राह पर है।

आश्वासन से बोझ हल्का, समाधान अधूरा

सत्ताधारी गुट ने आंदोलन के आठ दिन बाद पहल कर अकोला कचरा गाड़ी चालक वर्ग से चर्चा की थी और सभी समस्याओं को मार्गी बनाने का आश्वासन दिया था। लेकिन आश्वासन को एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी समस्याएं जस की तस हैं। इससे नागरिकों में चर्चा है कि सत्ताधारी गुट ने केवल आश्वासन देकर चालक वर्ग की बोझ हल्की की, जबकि वास्तविक समाधान नहीं निकाला।

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