बांधवगढ़ में बाघ का कहर! ग्रामीण को मौत के घाट उतारने वाले नर बाघ को किया गया रेस्क्यू

Tiger Killed Villager: बांधवगढ़ में बाघ का सफल रेस्क्यू, चंसुरा गांव में ग्रामीण की मौत के बाद एक्टिव हुई वन विभाग की कमान; 4 हाथियों की मदद से बाघ ट्रैंकुलाइज, बहेरहा में शिफ्ट।
Male tiger rescued after fatal attack on villager in Bandhavgarh
बांधवगढ़ टाइगर रेस्कयू (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bandhavgarh Tiger Rescue: उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में गुरुवार को एक ओर जहां बाघ के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत से इलाके में सनसनी फैल गई, वहीं दूसरी ओर वन विभाग ने तेज़ी दिखाते हुए कुछ ही घंटों के भीतर संदिग्ध बाघ को रेस्क्यू कर बहेरहा इनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया। बाघ को ट्रैंकुलाइज कर पकड़ने के बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और अब उसकी हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

पनपथा बफर क्षेत्र के चँसुरा गांव निवासी अन्नू रजक की गुरुवार सुबह बाघ के हमले में मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल बन गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

बाघ को ट्रैंकुलाइज कर किया गया रेस्कयू

सर्च के दौरान पलझा उत्तर बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-604 में करीब पांच वर्ष आयु का एक नर बाघ चिन्हित किया गया। वन्य प्राणी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम ने पूरी सावधानी के साथ बाघ को ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया। इसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक जांच के लिए रक्त के नमूने भी लिए गए।

रेस्कयू ऑपरेशन में महावतों की भी रही महत्वपूर्ण भूमिका

पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारियों ने की। क्षेत्र संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक, परिक्षेत्र अधिकारी, टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स और वन्यजीव चिकित्सकों की मौजूदगी में यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ। अभियान में लक्ष्मण, सूर्या, गणेश और सुन्दरगज हाथियों तथा उनके महावतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बहेरहा में शिफ्ट किया गया बाघ

रेस्क्यू किए गए बाघ को विशेष सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहेरहा इनक्लोजर में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां उसकी 24 घंटे निगरानी की जाएगी। वन विभाग का कहना है कि बाघ के व्यवहार और स्वास्थ्य का विश्लेषण करने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अन्नू रजक की मौत के बाद वन विभाग की यह त्वरित कार्रवाई राहत देने वाली मानी जा रही है। हालांकि, ग्रामीणों में अब भी भय का माहौल है और लोग वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा के स्थायी इंतज़ाम की मांग कर रहे हैं।

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