उज्जैन: आस्था और विकास दोनों का रखें ध्यान! खड़े हनुमान मंदिर मामले में उमा भारती ने दी भोपाल की नजीर

Khade Hanuman Temple Issue: उज्जैन में खड़े हनुमान मंदिर विवाद में उमा भारती की एंट्री, CM मोहन यादव को पत्र लिखकर दी भोपाल मॉडल की नजीर, सिंहस्थ 2028 के सड़क चौड़ीकरण की जद में आया है प्राचीन मंदिर।
Uma Bharti writes letter to CM Mohan Yadav over Khade Hanuman Temple Ujjain
उमा भारती ने सीएम मोहन यादव को खड़े हनुमान मंदिर को लेकर लिखा पत्र(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Uma Bharti Letter To CM Mohan Yadav: उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच खड़े हनुमान मंदिर को लेकर चल रहे विवाद में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की एंट्री हो गई है। उमा भारती ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर मंदिर को लेकर ऐसा समाधान निकालने की अपील की है, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हों और धार्मिक आस्था भी सुरक्षित रहे।

उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि उज्जैन की धार्मिक गरिमा को मुख्यमंत्री स्वयं बेहतर तरीके से समझते हैं और खड़े हनुमान मंदिर का समाधान भी संवेदनशीलता के साथ निकाला जा सकता है।

उमा भारती ने दिया भोपाल का उदाहरण

10 सितंबर 2026 को लिखे गए पत्र में उमा भारती ने भोपाल के कमलापति पार्क के सामने हुए सड़क चौड़ीकरण का उदाहरण दिया। उन्होंने लिखा कि शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान सड़क चौड़ीकरण के समय मस्जिद को बिना छुए पूरा प्लान बदलकर सड़क बनाई गई थी। उमा ने कहा कि भाजपा की विचारधारा विकास और आस्था को साथ लेकर चलने की रही है और यही मॉडल उज्जैन के खड़े हनुमान मंदिर मामले में भी अपनाया जा सकता है।

Uma Bharti writes letter to CM Mohan Yadav over Khade Hanuman Temple
उमा भारती ने सीएम मोहन यादव को लिखा पत्र(सोर्स- सोशल मीडिया)

सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम

दरअसल, महाकुंभ सिंहस्थ 2028 और भगवान महाकाल की शाही सवारी के मार्ग को सुगम बनाने के लिए कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी परियोजना की जद में प्राचीन खड़े हनुमान मंदिर आ गया है। प्रशासन पिछले कई दिनों से प्रतिमा को सुरक्षित तरीके से विस्थापित करने की कोशिश कर रहा है। मंदिर का भवन तोड़ा जा चुका है और प्रतिमा के ऊपर सुरक्षा के लिए कैनोपी टेंट भी लगाया गया है, लेकिन प्रतिमा को हटाने में अब तक सफलता नहीं मिली है।

प्रतिमा हटाने की कोशिशों के बीच बढ़ी चर्चा

मंदिर से जुड़े संतों और स्थानीय लोगों का कहना है कि प्राण-प्रतिष्ठित प्रतिमा का विशेष धार्मिक महत्व है, इसलिए श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए। वहीं प्रतिमा हटाने के दौरान बिजली के पोल पर स्पार्किंग और ब्लास्ट की घटना के बाद शहर में तरह-तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे अपशकुन से जोड़कर देख रहे हैं, हालांकि प्रशासन ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

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