उज्जैन: ज्येष्ठ मास में बाबा महाकाल की दिव्य भस्म आरती, अलौकिक श्रृंगार के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

Mahakal Bhasma Aarti: उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती हुई। आरती के बाद भगवान महाकाल का अलौकिक श्रृंगार किया गया। मंदिर में देशभर से आए श्रद्धालु शिवभक्ति में डूबे हुए नजर आए।
Ujjain Mahakal Temple
बाबा महाकाल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ujjain Mahakal Temple: उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार को ज्येष्ठ मास के पावन अवसर पर भगवान महाकाल की दिव्य और अलौकिक भस्म आरती श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर 'हर हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठा। देशभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दुर्लभ दर्शन कर खुद को धन्य महसूस किया।

प्रातःकालीन आरती से पहले मंदिर के पुजारियों द्वारा विधि-विधान से भगवान महाकाल का अभिषेक किया गया। सबसे पहले बाबा का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बने पंचामृत से विशेष पूजन हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की गूंज के बीच भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। मंदिर में मौजूद श्रद्धालु पूरी भक्ति के साथ इस अद्भुत दृश्य के साक्षी बने।

महानिर्वाणी अखाड़े ने अर्पित की भस्म

इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े के संतों द्वारा पारंपरिक रीति से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। महाकाल की भस्म आरती का यह दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आस्था और अध्यात्म का विशेष केंद्र बना रहा। मान्यता है कि बाबा महाकाल की भस्म आरती के दर्शन मात्र से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

भांग, चंदन और सूखे मेवों से श्रृंगार

आज के विशेष श्रृंगार में भगवान महाकाल के मस्तक पर भांग, चंदन और सूखे मेवों से आकर्षक त्रिपुंड सजाया गया। बाबा का यह मनमोहक रूप श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध करता नजर आया। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। देश-विदेश से आए भक्तों ने भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

भस्म आरती का विशेष महत्व

ज्येष्ठ मास में बाबा महाकाल की भस्म आरती का विशेष महत्व माना जाता है। इसी कारण उज्जैन नगरी पूरी तरह शिवभक्ति में डूबी नजर आई और मंदिर परिसर में आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

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