

Ujjain Land Fraud Case: उज्जैन की माधवनगर थाना पुलिस ने जमीन के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेज और नकली पहचान पत्रों के जरिए जमीन बेचने का झांसा देकर 35 लाख 95 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, फरियादी रविंद्र सिंह और उनके भतीजे को कृषि भूमि के मुआवजे के बाद निवेश के लिए जमीन खरीदने की तलाश थी। इसी दौरान आरोपी मंगल सिंह ने उन्हें ग्राम सलामता स्थित खसरा नंबर 256/2 की एक जमीन दिखाई और सौदे के लिए तैयार किया। इसके बाद आरोपियों ने रजिस्ट्रार कार्यालय में एक अज्ञात व्यक्ति को असली भू-स्वामी ‘दिलीप सिंह’ के रूप में पेश किया और उसका फर्जी पहचान पत्र दिखाकर भरोसा जीत लिया।
जमीन का कुल सौदा 1 करोड़ 39 लाख 19 हजार 200 रुपए में तय किया गया। इसके तहत आरोपियों ने पीड़ितों से फोन-पे, नकद और चेक के माध्यम से लगभग 35 लाख 95 हजार रुपए हड़प लिए। लेन-देन पूरा होने के बाद जब फरियादी जमीन पर पहुंचे तो असली मालिक ने ऐसे किसी भी सौदे या व्यक्ति को पहचानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और ठगी का संदेह गहरा गया।
मामले की शिकायत पर माधवनगर थाना पुलिस ने जांच शुरू की और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर विक्रम नगर ब्रिज के पास घेराबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मंगल सिंह और भैरूसिंह के रूप में हुई है, जिसमें भैरूसिंह ने खुद को फर्जी ‘दिलीप सिंह’ के रूप में पेश किया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बिना नंबर की सफेद स्विफ्ट कार, मोबाइल फोन और कई फर्जी दस्तावेज जब्त किए हैं। दोनों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह एक संगठित अंतरजिला ठगी गिरोह है, जो फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन सौदों में लोगों को निशाना बनाता था।