उज्जैन के जीवाजीगंज में मुहर्रम को लेकर हाई-लेवल बैठक; एडिशनल SP आलोक शर्मा का उपद्रवियों को कड़ा अल्टीमेटम

Drone Surveillance Muharram: उज्जैन के जीवाजीगंज में मुहर्रम को लेकर शांति समिति की बैठक, ड्रोन और सीसीटीवी से होगी जुलूसों की निगरानी, उपद्रवियों के खिलाफ होगी बाउंड ओवर की कार्रवाई।
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आलोक शर्मा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Ujjain Jiwajiganj Muharram Peace Committee Meeting: आगामी मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में जीवाजीगंज थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों, समाज के गणमान्य नागरिकों और मुहर्रम आयोजकों ने भाग लिया।

एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि बैठक में मुहर्रम के दौरान निकलने वाले जुलूसों, अखाड़ों और अन्य आयोजनों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। आयोजकों द्वारा अपनी समस्याएं और अपेक्षाएं प्रशासन के समक्ष रखी गईं, वहीं पुलिस ने भी सभी कार्यक्रमों के लिए विधिवत अनुमति लेने और आयोजन में शामिल रहने वाले स्वयंसेवकों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से की जाएगी निगरानी

एडिशनल एसपी आलोक शर्मा ने बताया कि इस बार मुहर्रम के जुलूसों और कार्यक्रमों की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को समय रहते रोका जा सके। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेहंदी की रात जैसे आयोजनों में सादा वर्दी में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम तैनात रहेगी, जो असामाजिक तत्वों और उपद्रवियों पर नजर रखेगी।

नियमों के उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

बैठक में स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि किसी भी प्रकार के घातक हथियार या ज्वलनशील पदार्थ के साथ जुलूस में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एडिशनल एसपी ने बताया कि जिन व्यक्तियों के खिलाफ पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं, उनके विरुद्ध बाउंड ओवर की कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारियों को ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

केवल परंपरागत मार्ग से ही निकाले जाएंगे जुलूस

बैठक में यह भी तय किया गया कि मुहर्रम के सभी जुलूस केवल परंपरागत मार्ग से ही निकाले जाएंगे। किसी भी नए या वैकल्पिक मार्ग की अनुमति नहीं दी जाएगी। आयोजकों ने भी प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे निर्धारित और पारंपरिक मार्ग का ही पालन करेंगे।

प्रशासन की ओर से जुलूस मार्ग पर बिजली व्यवस्था, खुले नालों को ढंकने और सड़क मरम्मत कार्य समय पर पूरा कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए हैं। वहीं आमजन को यातायात संबंधी परेशानी से बचाने के लिए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी तैयार किया जा रहा है।