

Mahakal Temple Parchure Building Demolition : उज्जैन के महाकाल मंदिर के सामने लंबे समय से जर्जर हालत में खड़े परचुरे भवन को नगर निगम ने बुधवार को हटा दिया। करीब 60 साल से अधिक पुराने इस भवन की हालत काफी खराब हो चुकी थी। श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में यह कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान निगम और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर मौजूद रही।
परचुरे भवन की स्थिति की जांच भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) की तकनीकी टीम ने भी की थी। जांच के दौरान भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पाई गई थीं। इसके अलावा एक भार वहन करने वाली दीवार बाहर की ओर झुकी हुई मिली थी। भवन के स्टील गर्डरों में जंग लगने के साथ ही छत की हालत भी खराब पाई गई थी।
सीलन और सीढ़ियों की खराब हालत से बढ़ रहा था खतरा
तकनीकी जांच में भवन में सीलन और सीढ़ियों की खराब स्थिति भी सामने आई थी। MANIT की रिपोर्ट में भवन की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यहां लोगों की मौजूदगी को जोखिम भरा बताया गया था। खासकर महाकाल मंदिर के सामने होने के कारण यहां लगातार श्रद्धालुओं और आम लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में जर्जर भवन से किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई थी।
महाकाल की सवारी में बढ़ सकता था हादसे का खतरा
महाकाल की सवारी और अन्य बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। ऐसे समय में जर्जर भवन की छत या ऊपरी हिस्से पर लोगों के पहुंचने से भवन पर अतिरिक्त भार पड़ सकता था। इससे किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ने की आशंका थी। इसी को देखते हुए नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए भवन को हटाने की कार्रवाई की।
परचुरे भवन को हटाए जाने के बाद महाकाल मंदिर क्षेत्र में स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे सड़क निर्माण कार्य को भी आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। भवन के कारण प्रभावित हो रहे क्षेत्र में अब निर्माण और विकास कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा सकेगा। महाकाल क्षेत्र में लगातार हो रहे विकास कार्यों के बीच निगम की इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा के निर्देश पर परचुरे भवन को हटाने की कार्रवाई की गई। मौके पर अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय, भवन अधिकारी राजकुमार राठौर, भवन निरीक्षक सौम्या चतुर्वेदी सहित निगम की रिमूवल गैंग और पुलिस प्रशासन की टीम मौजूद रही। सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्रवाई को पूरा किया गया।
निगम अधिकारियों के अनुसार उज्जैन शहर में जर्जर और दुर्घटना की आशंका वाले भवनों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सिंहस्थ 2028 और महाकाल की सवारी जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। महाकाल मंदिर क्षेत्र में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए जर्जर भवनों को हटाने और जोखिम वाले स्थानों को सुरक्षित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।