उज्जैन में हर्षा रिछारिया ने हर्षानंद गिरी बनने के बाद दिया पहला प्रवचन, बड़ी संख्या में जुटे श्रद्धालु

Harsha Richhariya First Discourse: संन्यास लेने के बाद हर्षा रिछारिया ने पहला प्रवचन दिया। साध्वी हर्षानंद गिरी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। 52 शक्तिपीठों पर विचार रखे।
Swami Harshanand Giri Ujjain News
हर्षानंद गिरी (फोटो सोर्स- नवभारत)
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 Swami Harshanand Giri News: उज्जैन के लक्ष्मीपुरा क्षेत्र में मंगलवार को साध्वी हर्षानंद गिरी (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने संन्यास दीक्षा के बाद अपना पहला सार्वजनिक प्रवचन दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और पांडाल खचाखच भर गया।

भीषण गर्मी के बावजूद लोग कथा सुनने के लिए देर तक डटे रहे। आयोजन में स्थानीय लोगों के साथ कुछ राजनीतिक प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति देखी गई।

प्रवचन में 52 शक्तिपीठ और शिव-शक्ति पर चर्चा

प्रवचन के दौरान में साध्वी हर्षानंद गिरी ने 52 शक्तिपीठों और शिव-शक्ति के संबंध पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में शक्ति और शिव को एक-दूसरे का पूरक माना जाता है और दोनों के बिना संतुलन की कल्पना नहीं की जा सकती। करीब डेढ़ घंटे चले प्रवचन में उन्होंने धार्मिक ग्रंथों और प्रतीकों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की।

पहली कथा में उमड़ी भीड़

हर्षा रिछारिया का संन्यास लेने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम था, जिसे शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। शुरुआत में मंच संचालन के दौरान हल्की औपचारिकता और संकोच देखा गया, लेकिन बाद में प्रवचन सहज रूप से आगे बढ़ा। कार्यक्रम के अंत में आरती और जयकारों के साथ आयोजन संपन्न हुआ।

उज्जैन में धार्मिक आयोजन को लेकर उत्साह

उज्जैन में हुए इस आयोजन को स्थानीय स्तर पर बड़ी धार्मिक सभा के रूप में देखा गया। आयोजन स्थल पर सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से भी इंतजाम किए गए थे।

महाकुंभ से हुईं थीं वायरल

हर्षा रिछारिया महाकुंभ में अपने साध्वी अवतार से वायरल हुईं थीं। वायरल होने के बाद उनके ग्लैमरस फोटोज और वीडियोज सामने आए थे, जिसको लेकर वह विवादों में घिर गई थीं। बीते 18 अप्रैल को दीक्षा लेने के बाद अब वह साध्वी हर्षानंद गिरी के रूप में प्रवचन दे रही हैं। हर्षा के संन्यास पर कई संतों ने सवाल भी उठाए थे।

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