

Highlights:
शाजापुर की विशेष पॉक्सो अदालत का नाबालिग से गैंगरेप मामले में फैसला।
चार पुरुष और एक महिला समेत पांच दोषियों को उम्रकैद।
मुख्य आरोपी मयंक की मौसी सुनीता राठौर भी दोषी करार।
जून 2025 में चाकू की नोक पर नाबालिग का अपहरण किया गया था।
अदालत ने सभी दोषियों को अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई।
Shajapur POCSO Court Verdict Five Convicts Life Imprisonment : शाजापुर में नाबालिग लड़की के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने चार पुरुषों और एक महिला समेत पांचों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
दोषियों में पीड़िता को अगवा करने और उसके साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों के अलावा एक महिला भी शामिल है, जिसने अपराध में सहयोग किया था। महिला आरोपी मुख्य दोषी मयंक उर्फ गोलू की मौसी है।
मामला जून 2025 का है। 26 जून को पीड़िता के पिता ने शुजालपुर मंडी थाने में अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तलाश शुरू की और 30 जून को बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया। इसके बाद महिला पुलिस अधिकारी के सामने दर्ज कराए गए बयान में पीड़िता ने अपने साथ हुई वारदात की जानकारी दी।
पीड़िता ने बताया कि 25 जून की रात करीब 11 से 12 बजे के बीच वह अकोदिया नाके से फुलेन गांव की ओर पैदल जा रही थी। इसी दौरान एक पिकअप वाहन उसके पास आकर रुका। इसमें मयंक उर्फ गोलू और शाहदत उर्फ राजा सवार थे। आरोप के मुताबिक, मयंक ने चाकू दिखाकर उसे जबरन गाड़ी में बैठा लिया, जबकि शाहदत वाहन चला रहा था।
पीड़िता के बयान के मुताबिक, मयंक ने अपने साथी अनस उर्फ अनीस को फोन कर ऑटो रिक्शा बुलवाया। इसके बाद उसे पिकअप से उतारकर ऑटो में बैठाया गया और मेवाड़ा ढाबे ले जाया गया। वहां तलघर का ताला खुलवाकर आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी उसे ऑटो से शाजापुर ले गए।
शाजापुर पहुंचने के बाद आरोपी मयंक पीड़िता को अपनी मौसी सुनीता राठौर के घर ले गया। अभियोजन के अनुसार, मयंक ने मौसी से कहा कि उसके घर में रहने वाले दुर्गेश की शादी नहीं हो रही है, इसलिए वे इस लड़की को लेकर आए हैं और उसकी दुर्गेश से जबरन शादी करवा दी जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान सुनीता की भूमिका को भी अपराध में सहयोगी माना।
मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी ठहराया। इनमें मयंक उर्फ गोलू, शाहदत उर्फ राजा, अनस उर्फ अनीस, दुर्गेश और सुनीता राठौर शामिल हैं। अदालत ने सभी को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा अलग-अलग धाराओं में अतिरिक्त कारावास और जुर्माने का दंड भी लगाया गया है।