गहरी नींद में सो रहा सीहोर प्रशासन: भैरुंदा स्टेट हाईवे पर 7 घंटे से महाजाम; एंबुलेंस फंसी 'जनता बेहाल'

Sehore Heavy Jam Ambulance Stuck: सीहोर-भैरूंदा हाईवे पर महा-लापरवाही, पेड़ गिरने से 7 घंटे थमा रहा यातायात, एंबुलेंस भी जाम में फंसी, टोल कंपनी नदारद।
Seven-hour traffic jam on Bhairunda State Highway disrupts movement in Sehore
सीहोर में महाजाम (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sehore Bhairunda Heavy Traffic Jam: सीहोर-भैरूंदा स्टेट हाईवे पर प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। नादान के पास समापुरा गांव के निकट सड़क के बीचों-बीच एक विशालकाय आम का पेड़ गिर जाने से हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया।

घटना के बाद से पिछले करीब सात घंटे तक यातायात ठप रहा, जिससे सड़क के दोनों ओर लगभग दो-दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। हजारों वाहन और यात्री बीच रास्ते में फंस गए, लेकिन लंबे समय तक सड़क से पेड़ हटाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई होती नजर नहीं आई।

गर्मी में बेहाल लोग, एंबुलेंस भी जाम में फंसी

महाजाम के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ी। भीषण गर्मी और उमस के बीच लोग घंटों तक सड़क पर फंसे रहे। स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब जाम में एक एंबुलेंस भी फंस गई, जिसमें एक मरीज मौजूद था। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद मौके पर न तो कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पहुंचा और न ही यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल दिखाई दिया।

टोल वसूली जारी लेकिन संकट में नहीं दिखी हाईवे अथॉरिटी

घटना के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा हाईवे प्रबंधन और टोल वसूली करने वाली एजेंसी पर भी फूट पड़ा। लोगों का आरोप है कि रोजाना लाखों रुपये का टोल वसूलने वाली कंपनी संकट की इस घड़ी में पूरी तरह नदारद रही। सड़क से पेड़ हटाने के लिए न तो कोई क्रेन मौके पर पहुंची और न ही हाईवे अथॉरिटी का कोई कर्मचारी दिखाई दिया। इससे लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

जनता के सवालों के घेरे में प्रशासन और हाईवे प्रबंधन

इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन और हाईवे प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर सात घंटे बीत जाने के बाद भी सड़क से पेड़ हटाने के लिए तत्काल संसाधन क्यों नहीं जुटाए गए।

यदि जाम में फंसी एंबुलेंस के मरीज की हालत बिगड़ती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता? साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि टोल टैक्स वसूलने वाली एजेंसी आपात स्थिति में अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए मौके पर क्यों नहीं पहुंची। लोगों ने जिला प्रशासन से ऐसी घटनाओं के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन व्यवस्था सुनिश्चित करने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

https://youtu.be/xWZfVwUYQ4w?si=7ib5LVwYZG9CUhIh

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