सागर में महिला से दुष्कर्म के मामले में कथावाचक को 14 साल की सजा, पाया गया वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का दोषी

Kathavachak Omkar Mishra Jail : सागर में रेप केस में अदालत ने कथावाचक ओमकार मिश्रा को दोषी ठहराते हुए 14 साल के कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पर इलाज के नाम पर शोषण और वीडियो बनाकर धमकाने का आरोप था।
Sagar court sentences kathavachak Omkar Mishra to 14 years imprisonment
कोर्ट ने कथावाचक को सुनाई 14 साल की सजाफोटो सोर्स- नवभारत
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Sagar Rape Case : सागर जिले में महिला से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने कथावाचक ओमकार मिश्रा को दोषी ठहराते हुए 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। मामला बांदरी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, आरोपी महिला को प्रेत बाधा दूर करने और बीमारी का इलाज करने के नाम पर अपने आश्रम बुलाता था। आरोप है कि इसी दौरान उसने महिला का वीडियो बना लिया और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर करीब एक साल तक उसका यौन शोषण किया।

अभियोजन के मुताबिक, रोड़ा गांव निवासी कथावाचक ओमकार मिश्रा ने पथरिया बामन गांव के जंगल में आश्रम बना रखा था। आरोप है कि वह महिला को प्रेत बाधा दूर करने और बीमारी का इलाज करने के नाम पर आश्रम बुलाता था। इसी दौरान महिला के साथ दुष्कर्म करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप है।

वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी

अभियोजन का कहना है कि वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी महिला को ब्लैकमेल करता रहा। आरोप है कि करीब एक साल तक कभी महिला को आश्रम बुलाकर तो कभी उसके घर पहुंचकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। लगातार धमकियों के चलते महिला काफी समय तक मामले की जानकारी किसी को नहीं दे सकी।

पति को बताई पूरी घटना

बाद में महिला ने पूरी घटना अपने पति को बताई। इसके बाद परिजनों के साथ थाने पहुंचकर 26 दिसंबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कथावाचक ओमकार मिश्रा को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने पेश किया चालान

पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश संध्या मनोज श्रीवास्तव की अदालत में हुई। अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

दो धाराओं में 14-14 वर्ष की सजा

अदालत ने आरोपी को दो अलग-अलग धाराओं में 14-14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। फैसला सुनाए जाने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में एजीपी बलवीर सिंह ने पैरवी की।

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