बेटे की हत्या के बाद दहशत में परिवार, एसपी ऑफिस पहुंचकर लगाई सुरक्षा की गुहार, आरोपियों पर धमकाने का आरोप

Victim Family Protection Demand: सागर में बेटे की हत्या के बाद पीड़ित परिवार ने एसपी कार्यालय पहुंचकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि फरार आरोपी उन्हें लगातार धमकियां दे रहे हैं।
Sagar Murder Case Family Security Demand
पीड़ित परिवार (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Sagar Murder Case: सागर के शाहगढ़ तहसील क्षेत्र में बेटे की हत्या के बाद पीड़ित परिवार दहशत में है। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय के साथ-साथ सुरक्षा की मांग की है। परिवार का आरोप है कि हत्या के आरोपी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।

जानकारी के अनुसार, ग्राम दलपतपुर निवासी अनीता लोधी और फूल सिंह लोधी मंगलवार को सागर पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया के कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने अपने बेटे अर्जुन सिंह लोधी की हत्या में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

बेरहमी से मारपीट के बाद मौत

परिजनों के मुताबिक, 25 मई 2026 की रात करीब 10 बजे कुछ युवक अर्जुन सिंह को घर से अपने साथ ले गए थे। इसके बाद रात करीब 11 बजे उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद 26 मई को थाना बंडा में हत्या का मामला दर्ज कराया गया था।

धमकी दे रहे फरार आरोपी

पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन कई आरोपी अभी भी फरार हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि फरार आरोपी लगातार उनके घर आकर धमकियां दे रहे हैं और संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। साथ ही गवाहों को भी डराने-धमकाने का प्रयास किया जा रहा है।

जान से मारने की धमकी

परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आरोपियों ने धमकी दी है कि यदि किसी ने उनके खिलाफ पुलिस या अदालत में बयान दिया तो उसे भी जान से मार दिया जाएगा। इसी भय और दहशत के चलते पूरा परिवार असुरक्षित महसूस कर रहा है। परिजनों ने एसपी से मांग की है कि फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए, गवाहों के बयान सुरक्षित रूप से दर्ज किए जाएं और परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

पुलिस ने शुरू की जांच

फिलहाल एसपी ऑफिस में दिए गए आवेदन के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब तक राहत मिल पाती है।