पन्ना में गिद्धों का सामूहिक मौत कांड! जहरीला मांस खाने से 8 दुर्लभ गिद्धों की मौत की आशंका

Vulture Death In Panna: पन्ना में वन्यजीव संरक्षण को बड़ा झटका, एक साथ मिले 8 दुर्लभ गिद्धों और सियार के शव, जहरीला मांस खाने से मौत की आशंका, जांच में जुटा वन विभाग।
Eight rare vultures are suspected to have died in Panna after allegedly consuming poisoned meat, prompting wildlife authorities to launch an investigation into the incident
पन्ना में गिद्धों की मौत (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Panna Vulture Death: मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से वन्यजीव संरक्षण को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। गिद्धों के संरक्षण के लिए देशभर में पहचान रखने वाले पन्ना में एक साथ आठ दुर्लभ गिद्धों और एक सियार के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रारंभिक आशंका है कि जहरीले मांस का सेवन करने से इन गिद्धों की मौत हुई है। वन विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

घटना दक्षिण पन्ना वन परिक्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ीखेरा गांव की है। किसान रामस्नेही प्रजापति के खेत में एक साथ कई गिद्धों के शव पड़े होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौके पर आठ गिद्धों और एक सियार का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।

प्रारंभिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा

प्रारंभिक जांच में वन विभाग को आशंका है कि करीब एक सप्ताह पहले किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से सियार की मौत हुई थी। उसका शव झाड़ियों में पड़ा रहा, जिसे किसी ने नहीं देखा। बाद में भोजन की तलाश में पहुंचे गिद्धों ने सियार का मांस खाया और जहरीले प्रभाव के कारण एक-एक कर सभी गिद्धों की भी मौत हो गई।

वन अधिकारियों ने घटनास्थल का किया बारीकी से निरीक्षण

घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर वन मंडल के डीएफओ धीरेंद्र प्रताप सिंह और रेंजर राहुल शाक्यवार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वन अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और गिद्धों तथा सियार के विसरा और अन्य नमूने एकत्र कर जांच के लिए सागर जिला और जबलपुर की प्रयोगशालाओं में भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

गिद्ध प्रकृति के सबसे महत्वपूर्ण सफाईकर्मी माने जाते हैं और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में इनकी अहम भूमिका होती है। ऐसे में एक साथ आठ गिद्धों की संदिग्ध मौत वन्यजीव संरक्षण के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है। वन विभाग का कहना है कि मामले के हर पहलू की गहन जांच की जा रही है। यदि जहरीले पदार्थ का इस्तेमाल जानबूझकर किया गया है, तो दोषियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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