

Neemuch CRPF Sewerage Chamber Accident : नीमच के सीआरपीएफ परिसर में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां निर्माणाधीन सीवरेज लाइन के गहरे चैंबर में काम करने उतरे दो मजदूरों की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों मजदूरों की मौत चैंबर के अंदर फैली जहरीली गैस के कारण दम घुटने से हुई है। हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम छा गया है।
जानकारी के मुताबिक झाबुआ निवासी महेश (25) सीवरेज लाइन की रिपेयरिंग के लिए चैंबर में उतरा था। काफी समय तक जब वह बाहर नहीं आया तो उसकी पत्नी अनीता बाई उसे तलाशते हुए मौके पर पहुंची। तेज बारिश के कारण शुरुआत में कुछ दिखाई नहीं दिया, लेकिन बारिश रुकने के बाद जब उसने चैंबर के अंदर देखा तो महेश बेसुध हालत में पड़ा हुआ था।
महेश को बाहर निकालने के लिए वहां मौजूद लोगों ने प्रयास शुरू किए। इसी दौरान बिहार निवासी रूपेश (19) उसे बचाने के लिए चैंबर के अंदर उतरा, लेकिन कुछ ही देर में वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। साथी मजदूरों की मदद से दोनों को बाहर निकाला गया और सीआरपीएफ की एम्बुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
हादसे में जान गंवाने वाला महेश अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गया है। उसके बच्चे 2, 5 और 7 साल के हैं। वहीं रूपेश कुछ दिन पहले ही अपने भाई के साथ बिहार से नीमच मजदूरी करने आया था। परिजनों के अनुसार वह अपने माता-पिता और दो बहनों का सहारा था।
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे साथी मजदूरों ने एसएस टोटल ठेका कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि गहरे और खतरनाक सीवरेज चैंबर में उतारने के बावजूद कंपनी की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें मास्क, ऑक्सीजन किट या अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे, जिसके चलते यह हादसा हुआ।
मामले की सूचना मिलने के बाद कैंट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों के साथ-साथ ठेका कंपनी की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।