

Itarsi Hospital Protest: नर्मदापुरम जिले के इटारसी स्थित शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और डॉक्टरों की कमी को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस नेता गज्जू तिवारी ने अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर लकड़ी के ताबूत में लेटकर और कफन ओढ़कर धरना दिया। उनका कहना था कि अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने के कारण मरीजों की जान जोखिम में पड़ रही है, इसलिए प्रशासन को जल्द प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेता गज्जू तिवारी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में लंबे समय से डॉक्टरों की कमी बनी हुई है। इसके अलावा आईसीयू यूनिट पूरी तरह संचालित नहीं हो रही है और वेंटिलेटर जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी बंद पड़ी हैं। इससे गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, आईसीयू यूनिट को जल्द शुरू किया जाए और बंद पड़े वेंटिलेटर को तत्काल चालू किया जाए। उनका कहना था कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार नहीं होने से आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार स्वीटी चौहान और अस्पताल अधीक्षक मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने कांग्रेस नेता और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना। इस दौरान गज्जू तिवारी ने अधिकारियों को एक कोरा ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना था कि अस्पताल की बदहाल व्यवस्था खुद अपनी कहानी बयां कर रही है, इसलिए समस्याओं को बताने के लिए शब्दों की जरूरत नहीं है।
नायब तहसीलदार स्वीटी चौहान ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अस्पताल में डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने, आईसीयू यूनिट को शुरू कराने और बंद वेंटिलेटर को चालू कराने के लिए उच्च अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा।