

मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान में 5 डिग्री तक गिरावट।
इंदौर में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री, ग्वालियर में अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज।
आज 12 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहने का अनुमान।
Madhya Pradesh Weather Update Today: मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा है। प्रदेश में दिन के समय तेज धूप के कारण गर्मी और उमस का असर बना हुआ है, जबकि रात में तापमान गिरने से ठंडक महसूस होने लगी है। पिछले कुछ दिनों में न्यूनतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है।
इंदौर में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार 12 अक्टूबर को प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा और किसी भी जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के किसी भी जिले में बारिश की संभावना नहीं है। राजधानी भोपाल, जबलपुर, विदिशा, धार, उज्जैन और पचमढ़ी समेत कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट का दौर जारी है। दिन में धूप के कारण गर्मी और उमस महसूस होगी, जबकि शाम के बाद तापमान गिरने से राहत मिलेगी। पिछले 24 घंटे में ग्वालियर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 36.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इंदौर में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
मानसून की विदाई के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने के कारण हाल के दिनों में बारिश देखने को मिली। 6 से 11 अक्टूबर के बीच सीधी, पन्ना, सिंगरौली, मऊगंज, छतरपुर, रीवा और सतना समेत पूर्वी व उत्तरी जिलों में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश हुई। हालांकि, अब अगले कुछ दिनों तक बारिश से राहत मिलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एरिया सक्रिय होने के कारण 15 अक्टूबर के बाद मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो सकता है। अक्टूबर में गर्मी, ठंड और बारिश का मिला-जुला असर बने रहने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर बढ़ सकता है। हालांकि, बारिश की स्थिति मौसम प्रणालियों की सक्रियता पर निर्भर करेगी।
मध्य प्रदेश में इस साल मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हो गई। इस तरह मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। पूरे सीजन में प्रदेश में 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से चार प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक, जबकि पश्चिमी हिस्से में 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। भोपाल, ग्वालियर, कटनी और राजगढ़ समेत 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ, जबकि जबलपुर, इंदौर, उज्जैन, रीवा और सागर समेत 30 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई।