लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को धोका देने वाले अक्षय बम और उनके पिता पर संकट, पुलिस सुरक्षा हटाने की मांग

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अक्षय कांति बम और पिता कांति बम की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। इन्होंने वोटिंग से कुछ दिन पहले ही अपना नामांकन वापस लेकर BJP ज्वाइंन करी थी। मामला चुनाव के समय काफी चर्चा में रहा था।
Akshay Bam and father kanti bam betrayed Congress in Lok Sabha 2024 elections indore are in trouble demand for removal of police protection
अक्षय कांति बम (सोर्स - सोशल मीडिया)
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इंदौर: मध्यप्रेदश के इंदौर की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए अक्षय कांति बम और उनके पिता कांति बम की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। इंदौर की जिला कोर्ट द्वारा दोनों पर हत्या के प्रयास जैसे गंभीर धाराओं में आरोप तय किए जाने के बाद कांग्रेस ने खुला मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस पदाधिकारी पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे और अक्षय बम को मिली पुलिस सुरक्षा को तत्काल हटाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सुरक्षा नहीं हटाई गई, तो कांग्रेस सड़कों पर प्रदर्शन करेगी।

अक्षय बम की सुरक्षा पर सवाल

अक्षय बम को 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी बदलने के बाद पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई थी। लेकिन अब उन पर गंभीर आरोप तय होने के बाद कांग्रेस इसे अनुचित बता रही है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जिस व्यक्ति पर हत्या के प्रयास का मामला चल रहा है, उसे पुलिस सुरक्षा देना गलत है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल उनकी सुरक्षा हटाने की मांग की है। मध्यप्रदेश की अन्य लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक करें

हाईकोर्ट से भी झटका

जिला कोर्ट के बाद अक्षय बम और उनके पिता को हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है। अब दोनों के खिलाफ अटेम्प्ट टू मर्डर का केस चलने वाला है। इससे उनकी परेशानियां और भी बढ़ गई हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

सड़क पर उतरने की चेतावनी

कांग्रेस पदाधिकारी देवेंद्र सिंह यादव ने कहा है कि यदि समय रहते सुरक्षा नहीं हटाई गई, तो सड़कों पर पुलिस के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार और गृह मंत्री की नाकामी पर भी सवाल उठाए और इस्तीफे की मांग कर डाली। आपको बता दें कि अक्षय कांति बम ने कांग्रेस के टिकट देने के बाद अपना नामांकन बापस ले लिया था, जिस वजह से इंदौर की सीट से भाजपा का प्रत्याशी आसानी से किसी बड़ी मुख्य पार्टी के न होने की वजह से एक विशाल जीत दर्ज कर ली थी।

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