मुरैना : कहीं आप भी तो नहीं खा रहे ये टोस्ट, पैकेट में मिली मरी हुई छिपकली! खाद्य विभाग ने बिक्री पर लगाई रोक

Dead Lizard in Toast Packet : मुरैना के अंबाह में ब्रांडेड कंपनी के टोस्ट के पैकेट में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग ने सैंपल लेकर भोपाल लैब भेजे और संबंधित बैच की बिक्री रोक दी।
Morena Toast Lizard Found
टोस्ट के पैकेट में मिली मरी हुई छिपकली (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Morena Toast Lizard Found: मुरैना जिले के अंबाह में ब्रांडेड कंपनी के टोस्ट पैकेट में मरी हुई छिपकली मिलने का मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के अगले ही दिन विभाग की टीम उस दुकान पर पहुंची, जहां से टोस्ट खरीदा गया था। अधिकारियों ने टोस्ट के सैंपल लेकर जांच के लिए भोपाल की प्रयोगशाला भेज दिए हैं। साथ ही जांच रिपोर्ट आने तक उसी बैच के अन्य पैकेटों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

जानकारी के अनुसार अंबाह के खजूरी रोड क्षेत्र में रहने वाली मां और बेटी घर में पैक्ड टोस्ट खा रही थीं। इसी दौरान उन्हें पैकेट के अंदर मरी हुई छिपकली दिखाई दी। यह देखकर दोनों घबरा गईं और एहतियात के तौर पर अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें पूरी तरह स्वस्थ और सुरक्षित बताया, लेकिन घटना से इलाके में दहशत फैल गई।

खाद्य सुरक्षा विभाग ने की मौके पर जांच

मामला सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल प्रताप सिंह परिहार अपनी टीम के साथ खजूरी रोड स्थित अजय किराना स्टोर पहुंचे। दुकानदार रामहेत राठौर की मौजूदगी में दिशा कंपनी के इलायची टोस्ट के सैंपल लिए गए। सैंपलों को जांच के लिए भोपाल लैब भेजा गया है। अधिकारियों ने संबंधित बैच के अन्य पैकेटों की बिक्री भी फिलहाल रोकने के निर्देश दिए हैं।

ग्वालियर की फैक्ट्री की भी होगी जांच

प्राथमिक जानकारी के अनुसार दिशा इलायची टोस्ट का निर्माण और पैकिंग कार्य ग्वालियर के गिरवाई नाका स्थित आरव ट्रेडर्स में किया जाता है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने ग्वालियर के अधिकारियों को फैक्ट्री की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। फैक्ट्री में स्वच्छता, पैकिंग प्रक्रिया और गुणवत्ता नियंत्रण की जांच की जाएगी।

गुणवत्ता और निगरानी पर उठे सवाल

इस घटना ने पैकिंग में बिकने वाले ब्रांडेड खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल विभाग लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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