मंडला में ब्लाइंड मर्डर का खुलासा, बारात की भीड़ में रची गई मौत की साजिश; सुपारी देकर युवक की कराई हत्या

Mandla Blind Murder Case: मंडला में खूनी साजिश का पर्दाफाश, बम्हनी बंजर में लापता तरेंद्र यादव की ₹1.20 लाख की सुपारी देकर हुई थी हत्या, राजा यादव सहित 5 आरोपी गिरफ्तार।
Mandla police solve blind murder case linked to contract killing
मंडला ब्लाइंड मर्डर केस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Contract Killing Of Youth In Mandla: मंडला जिले में एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गुमशुदगी से शुरू हुई यह कहानी आखिरकार सुपारी देकर कराई गई हत्या तक पहुंची, जिसने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या की साजिश का पर्दाफाश किया है।

दरअसल, 22 जून को बम्हनी बंजर थाना क्षेत्र के मुगदरा निवासी 36 वर्षीय तरेंद्र यादव के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजन उसकी तलाश में जुटे थे, लेकिन उसी दिन लिमरुआ के पास स्थित बोरिया नाला में उसका शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध नजर आया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि यह कोई हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या है।

पुलिस ने गठित की थी विशेष टीम

मंडला पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्यों और संदिग्धों की गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, संदेह की सुई मृतक के परिचित लोगों की ओर घूमने लगी। पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह किसी क्राइम थ्रिलर की कहानी से कम नहीं था। जांच में सामने आया कि खेती-बाड़ी और पुरानी रंजिश को लेकर मृतक तरेंद्र यादव और आरोपी पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी दुश्मनी ने हत्या की साजिश को जन्म दिया।

आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर की हत्या

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी राजा यादव ने अपने साथी अविनाश यादव के साथ मिलकर तरेंद्र यादव की हत्या की योजना बनाई। हत्या को अंजाम देने के लिए करीब एक लाख बीस हजार रुपये की सुपारी दी गई और तीन अन्य युवकों को इस वारदात में शामिल किया गया। 21 जून को गांव में शादी और बारात का माहौल था। आरोपियों ने इसी अवसर का फायदा उठाया। तरेंद्र यादव को शराब पिलाने के बहाने बारात से अलग बुलाया गया और सुनसान स्थान पर ले जाकर उसका गला दबाकर हत्या कर दी गई।

हत्या के बाद शव को नाले में फेंका

हत्या के बाद शव को बोरिया नाला में फेंक दिया गया ताकि मामला दुर्घटना या गुमशुदगी का प्रतीत हो। हालांकि, आरोपी अपनी साजिश को पूरी तरह छिपा हुआ समझ रहे थे, लेकिन मंडला पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ के आगे उनकी एक न चली। पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड में शामिल सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की पूछताछ जारी है।

मंडला में गुमशुदगी से शुरू हुई यह कहानी आखिरकार एक सुपारी किलिंग के खुलासे पर खत्म हुई। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न कर लें, कानून के लंबे हाथों से बच पाना आसान नहीं है।

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