मध्य प्रदेश के इस मंदिर में दिवाली पर लगती है श्रद्धालुओं की भीड़, जानें क्या है महत्व

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक खास मंदिर है जहां पर दिवाली के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। माना जाता है कि इस दिन माता के दर्शन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है।
मध्य प्रदेश के इस मंदिर में दिवाली पर लगती है श्रद्धालुओं की भीड़
महालक्ष्मी मंदिर ऊन (सौ. सोशल मीडिया)
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खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में एक खास मंदिर है जहां पर दिवाली के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है। माना जाता है कि इस दिन माता के दर्शन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन का आगमन होता है। इस खास मंदिर का नाम महालक्ष्मी मंदिर है, जो कि खरगोन जिले के ऊन में स्थित है। कहा जाता है कि देशभर से लोग इस मंदिर में दीपोत्सव मनाने और माता का आर्शीवाद लेने आते हैं। साथ ही, भक्त दिवाली के अवसर पर इस मंदिर में कमल के फूल अर्पित करते हैं जो इस मंदिर की विशेषता है।

महालक्ष्मी का यह प्राचीन मंदिर द्वापर युग का माना जाता है। यहां पर माता की छह भुजाओं वाली प्रतिमा मौजूद है। मान्यताओं के अनुसार यह मध्य प्रदेश का सबसे पुराना मंदिर है जिसे सिर्फ एक पत्थर से बनाया गया है। इसकी वजह से इस मंदिर का महत्व और बढ़ जाता है। कई लोग इसे द्वापर युग से भी जोड़कर देखते हैं। इन्ही कारणों की वजह से दिवाली के अवसर पर यह मंदिर आकर्षण का विशेष केंद्र बन जाता है।

दिवाली का विशेष आयोजन

खरगोन के महालक्ष्मी मंदिर में हर साल दिवाली का खास आयोजन किया जाता है। इस मंदिर को खूबसूरत तरीके से फूलों और रोशनी से सजाया जाता है जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है। साथ ही यहां पर काली चौदस में रात के समय विशेष हवन भी किया जाता है। जिसके बाद अलगे दिन सुबह भक्तों के लिए मंदिर के द्वार खोल दिए जाते हैं। मध्य प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी भक्त दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व

इस मंदिर में महालक्ष्मी की प्रतिमा लगभग 1000 साल पुरानी बताई जाती है। खजुराहो के मंदिरों के समकालीन होने की वजह से भी इस मंदिर का महत्व बढ़ जाता है। ऐतिहासिक और आध्यात्मिक चीजों में रूची रखने वाले लोग यहां पर माता के दर्शन करने आ सकते हैं।

अगर आप यहां पर ट्रेन से आना चाहते हैं तो खंडवा जंक्शन उतरना होगा जो कि मंदिर परिसर से 87 किलोमीटर दूर है। वहीं, कार या निजी वाहन से ऊन खरगोन से करीब 8 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा यहां पर निकटतम हवाई अड्डा इंदौर का देवी अहिल्या बाई होलकर एयरपोर्ट है। यहां से खरगोन 150 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

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