NGT बैन था, तो किसके आदेश पर चल रहा था क्रूज? बरगी डैम हादसे पर भड़के दिग्विजय सिंह, मजिस्ट्रियल जांच की मांग

Jabalpur NGT Cruise Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी डैम हादसे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने क्रूज प्रशासन पर सवाल उठाए है।
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दिग्विजय सिंह (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Bargi Dam Cruise Sinking: मध्य प्रदेश में जबलपुर के बरगी डैम हादसे में 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके है। 6 लापता लोगों की तलाश जारी है। इस हादसे में 29 लोगों को अब तक रेस्क्यू किया जा चुका है। बरगी डैम हादसे ने क्रूज प्रबंधन और प्रशासन की पोल खोल दी है। इस मामले पर जांच की मांग की जा रही है।

जबलपुर के बरगी बांध में क्रूज नाव हादसे पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने जांच की मांग की। उन्होंने कहा, मुझे मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने इस तरह के क्रूज संचालन पर रोक लगा रखी थी। इसलिए, जांच में यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि किसके आदेश पर बरगी में यह क्रूज चल रहा था।

बरगी डैम हादसे की हो मजिस्ट्रियल जांच

दिग्विजय सिंग ने सवाल उठाया कि मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर क्रूज को बाहर न ले जाने की सलाह दी थी, फिर भी इसे चलाया गया। तीसरी बात, यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी हुई थी। यह एक गंभीर घटना है। इस मामले में मजिस्ट्रियल जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

मोहन यादव ने मुआवजे का किया ऐलान

क्रूज पलटने की घटना पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी दुख जताया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा, यह हादसा मौसमी चक्रवात के कारण हुआ है। हमारे मंत्री धर्मेंद्र लोधी, राकेश सिंह, संजय दुबे, ADG, सभी अधिकारी, NDRF और SDRF सभी मौके पर पहुंच गए हैं। इस घटना में 29 लोगों को बचाया गया है। 9 शव बरामद हुए हैं। बचाव अभियान जारी है। हम इस हादसे की जांच करेंगे। यह एक दुखद हादसा है। बचाव दल बाकि 6 लोगों को ढूंढने का काम कर रहे हैं।

जिम्मेदार लोगों पर होगी सख्त कार्रवाई - पर्यनट मंत्री

बरगी डैम क्रूज़ बोट हादसे में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने बताया, क्रूज़ पर लाइफ जैकेट उपलब्ध हैं, और एक स्पष्ट नियम है कि यात्रियों को उन्हें पहनना ज़रूरी है। अब जब आरोप लगाए जा रहे हैं, तो हम यह पता लगाने के लिए जांच करेंगे कि यह चूक कैसे हुई। अगर कोई लापरवाही पाई जाती है, तो ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह सचमुच एक बहुत ही दुखद घटना है। ऐसी घटनाएं हमें अंदर तक झकझोर देती हैं।

यह सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। हम पूरी सावधानी बरतेंगे और गहन जांच के लिए एक जांच टीम गठित करेंगे। अगर कोई भी व्यक्ति लापरवाह पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। आज सुबह पांच और लोगों को निकाला गया। कल 22 लोगों को बचाया गया था। कुल मिलाकर, इस घटना में 31 लोग शामिल थे, जिनमें से 22 को बचा लिया गया है, जबकि दुख की बात है कि 9 लोगों की जान चली गई।

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