पुलिस थाने में महिला ने खुद पर उड़ेला पेट्रोल, आत्महत्या का किया प्रयास; करीबी को जेल भेजने से नाराज थी महिला

Jayanti Yadav Petrol Self Immolation Attempt: जबलपुर के मदन महल थाने में महिला ने खुद पर उड़ेला पेट्रोल, 5 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, TI बोले- 4 महीने पहले आया हूँ, करूंगा मामले की दोबारा जांच।
Jabalpur Madan Mahal Police Station Controversy, Jayanti Yadav Petrol Self Immolation Attempt
जयंती यादव (सोर्स- नवभारत लाइव)
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Jabalpur Madan Mahal Police Station Controversy: जबलपुर के मदन महल थाने में उस वक्त पूरा स्टाफ दहशत में आ गया जब एक महिला अपने करीबी को गिरफ्तार करने से नाराज होकर शिकायत करने पहुंची थी, महिला ने पहले तो पुलिस कर्मियों से गिरफ्तारी को लेकर सवाल किया और जब सही जवाब नहीं मिला तो महिला ने अपने साथ लाए पेट्रोल के डिब्बे को खोलकर उसमें से पेट्रोल खुद पर उड़ेलना शुरू कर दिया, यह देखते ही थाने में मौजूद महिला स्टाफ ने तुरंत एक्शन लेते हुए महिला को रोकने का प्रयास किया लेकिन तब तक पेट्रोल का डिब्बा खाली हो चुका था।

शाम करीब 7:30 बजे थाने का स्टाफ अपनी नियमित ड्यूटी में तैनात था तभी गढ़ा थाना क्षेत्र के गुप्ता नगर की रहने वाली जयंती यादव थाने पहुंची, जहां उसने थाने के स्टाफ से सीधे सवाल किया कि उसके कर्मचारी लकी मरावी को पुलिस ने क्यों गिरफ्तार किया जबकि वह तो खुद शिकायतकर्ता था। पुलिस कर्मी ने उसकी बातों को नजरअंदाज कर दिया इसके तत्काल बाद जयंती थाने के बाहर निकली जहां वह पहले से ही एक डिब्बे में पेट्रोल लेकर आई थी। उसने तत्काल डिब्बा खोला और खुद पर पेट्रोल डालने लगी। जिससे थाने में हड़कंप मच गया।

हत्या के प्रयास में लकी नामक युवक को पुलिस ने किया है गिरफ्तार

दरअसल, जबलपुर शहर के मदन महल थाना पुलिस ने स्नेह नगर इलाके में मान्या नामक युवक पर हुए हमले में हत्या के प्रयास के तहत सितंबर 2025 में एक अपराध दर्ज किया था, जिसमें तीन लोगों को आरोपी बनाया गया था, इन्हीं में से एक लकी मरावी भी है जिसे पुलिस ने उस समय हिरासत में लिया लेकिन लकी को भी कंधे में चाकू लगा था और उसने भी पुलिस थाने में मान्या के खिलाफ मारपीट एवं हत्या के प्रयास की शिकायत दर्ज करवाई थी। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर किया था। जबकि लकी को 36 घंटे बाद बयान लेकर रिहा कर दिया गया। घटना के 6 महीने बाद पुलिस ने लकी को भी गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर जेल निरुद्ध करवाया है। इसी बात से नाराज होकर जयंती यादव ने थाने में बवाल कर दिया।

आधे घंटे तक थाने में चला हंगामा

पुलिसकर्मियों ने किसी तरह जयंती को आत्महत्या करने से तो रोक किया लेकिन उसके गुस्से को शांत नहीं कर पाई, जयंती बार बार एक ही बात दोहरा रही थी कि लकी तो खुद शिकायतकर्ता है ऐसे में पुलिस ने उसे गिरफ्तार क्यों किया, उसकी शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की बल्कि उसके खिलाफ दर्ज हुई शिकायत पर पुलिस ने एक्शन ले लिया।

पुलिस पर 5 लाख रिश्वत मांगने का आरोप लगाया

इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस पर सिर्फ पक्षपात पूर्ण कार्यवाही के आरोप नहीं लगे बल्कि जयंती यादव ने 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप भी लगाए हैं, जयंती का आरोप है कि थाने के स्टाफ ने उससे मामला रफादफा करने के लिए 5 लाख रुपए मांगे थे लेकिन जब वह पैसे नहीं दे पाई तो पुलिस ने लकी को आरोपी बनाकर जेल भेज दिया।

मामले की दोबारा जांच करने का आश्वासन दिया

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान थाना प्रभारी धीरज राज बार बार जयंती को शांति से अपनी बात रखने की समझाइश देते रहे। उनका कहना था इस केस की पूरी जानकारी उन्हें नहीं है क्योंकि वे चार महीने पहले ही थाने में पोस्टेड हुए हैं, इसलिए वे इस पूरे घटनाक्रम की जांच खुद करेंगे और निष्पक्ष कार्यवाही करेंगे और यदि लकी निर्दोष है तो उसे जेल से बाहर भी निकलवाएंगे।

प्रेमी या कर्मचारी चर्चाओं का बाजार गर्म

इस घटनाक्रम का सबसे रोचक पहलू यह भी है कि जयंती लकी को अपनी दुकान का कर्मचारी बता रही थी, उसकी बातें सुनकर किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि कोई महिला अपनी दुकान के कर्मचारी के लिए आत्महत्या जैसा कदम भी उठा सकती है, वहीं कहा जा रहा है कि जयंती और लकी एक दूसरे को पसंद करते हैं और जल्द ही शादी करने की तैयारी में हैं। बहरहाल दोनों के बीच का रिश्ता उनका निजी फैसला है लेकिन एक मालिक का अपने कर्मचारी के लिए इतना बवाल करना किसी के गले नहीं। उतर रहा।

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