

Umang Singhar Slams MP Government: इंदौर में महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और सांवेर से कांग्रेस की पूर्व प्रत्याशी रीना बोरसी सेतिया द्वारा आयोजित सामूहिक रक्षाबंधन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। भागीरथपुरा दूषित पानी कांड, इंदौर के जल संकट, भू-माफिया, युवाओं के रोजगार, ओबीसी आरक्षण और महंगाई जैसे मुद्दों पर उन्होंने सरकार को घेरा।
उमंग सिंघार ने भागीरथपुरा प्रकरण की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर की जनता को गंदा पानी पिलाया जा रहा है और मामले में सिर्फ अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई नहीं हो रही। सिंघार ने कहा कि अब इंदौर की जनता को खुद आगे आकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस इस मामले को विधानसभा में प्रमुखता से उठाएगी।
सरकारी जमीनों पर कब्जे के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर से उज्जैन तक भाजपा नेताओं के संरक्षण में भूमि-माफिया सक्रिय हैं। रेवती रेंज में आशा हॉल के निर्माण सहित सरकारी जमीनों पर कब्जे के मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सिंघार ने कहा कि विभागीय अधिकारी भी इस मुद्दे पर बोलने से बच रहे हैं।
उमंग सिंघार ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने वर्ग-1, वर्ग-2, अतिथि शिक्षक भर्ती और ओबीसी आरक्षण को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल रही है। साथ ही उन्होंने 13 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण रोके जाने का मुद्दा भी उठाया।
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के शक्कर की कीमतों को लेकर दिए गए बयान पर भी सिंघार ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि मंत्री स्वयं शक्कर नहीं खाते हैं तो कम से कम जनता को यह बता दें कि सस्ती शक्कर कब मिलेगी।
छात्र राजनीति के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि छात्र हनुमान की तरह हैं। उन्होंने कहा कि जब हनुमान लंका में आग लगाते हैं तो उसका जलना तय होता है। सिंघार ने कहा कि युवाओं और छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से युवाओं के मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की मांग की।