उज्जैन की शाही मस्जिद में कार्रवाई पर इंदौर शहर काजी डॉ. इशरत अली का बयान; बोले- विरासतों को बचाना जरूरी

Ujjain Shahi Masjid Controversy: उज्जैन शाही मस्जिद विवाद पर इंदौर शहर काजी डॉ. इशरत अली का बड़ा बयान, कहा- विकास के नाम पर ऐतिहासिक विरासतों को खत्म करना ठीक नहीं।
Indore City Qazi Dr. Ishrat Ali speaks on the action at Ujjain’s Shahi Mosque.
इंदौर शहर काजी डॉ इशरत अली फोटो सोर्स - नवभारत
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Indore City Qazi On Ujjain Masjid Controversy: उज्जैन की शाही मस्जिद में विवादित निर्माण को हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए पथराव और विवाद को लेकर इंदौर शहर काजी डॉ. इशरत अली ने बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक इमारतों से जुड़े मामलों में प्रशासन को कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों को भरोसे में लेकर बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा की यह भी जरुरी है की ऐसी इमारतों को बचाया जाए।

विकास जरूरी, लेकिन विरासतों का संरक्षण भी जरूरी

शहर काजी डॉ. इशरत अली ने कहा कि विकास जरूरी है, लेकिन विकास के नाम पर सदियों पुरानी ऐतिहासिक इमारतों और धरोहरों का अस्तित्व खत्म करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में विकास के साथ-साथ पुरानी इमारतों और विरासतों को संरक्षित रखने का प्रयास किया जाता है।

अतिक्रमण शब्द के इस्तेमाल पर भी विचार जरूरी

मीडिया से चर्चा के दौरान शहर काजी ने उज्जैन की शाही मस्जिद से जुड़े मामले में अतिक्रमण शब्द के इस्तेमाल पर भी विचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसी धार्मिक स्थल या ऐतिहासिक इमारत से जुड़े मामले में सभी पहलुओं को समझने के बाद ही आगे की कार्रवाई होनी चाहिए।

बातचीत से निकाला जाए समाधान

डॉ. इशरत अली ने कहा कि अगर किसी मस्जिद या धार्मिक स्थल को लेकर विवाद या आपत्ति सामने आती है, तो प्रशासन और स्थानीय लोगों को आमने-सामने बैठकर बातचीत करनी चाहिए। उनके मुताबिक आपसी सहमति और संवाद के जरिए विवाद का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि इंदौर में भी कई मामलों का समाधान बातचीत और आपसी सहमति से किया गया है।

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प्रशासन को स्थानीय लोगों को भरोसे में लेने की अपील

शहर काजी ने कहा कि यदि कार्रवाई से पहले प्रशासन और काजी के स्तर पर बातचीत हुई थी और किसी समाधान पर सहमति बनी थी, तो उस प्रक्रिया को भी देखा जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की पूरी जानकारी नहीं है कि कार्रवाई से पहले स्थानीय लोगों की सहमति को लेकर क्या बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को स्थानीय लोगों की बात सुनकर उन्हें भरोसे में लेना चाहिए और बेहतर समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।

पथराव और हिंसा को बताया गलत

शहर काजी डॉ. इशरत अली ने उज्जैन शहर में कार्रवाई के दौरान हुए पथराव और हिंसा को भी गलत बताया। उन्होंने लोगों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज और प्रशासन को मिलकर ऐसे विवादों का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण तरीके से निकालना चाहिए।

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