Raja Raghuvanshi Case Exclusive Report: शिलांग में राजा रघुवंशी हत्याकांड के बाद उनके मित्र अर्पित चौहान की आत्महत्या ने कई सवाल उठाए हैं। इंदौर के 34 वर्षीय अर्पित ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
इस घटना के बाद परिवार आत्महत्या के कारण को लेकर असमंजस में है। अभी तक पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
अर्पित पिता राजू चौहान अरिहंत नगर का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि राजा रघुवंशी का ट्रांसपोर्ट कारोबार था और उनकी कई गाड़ियां ढक्कनवाला कुआं स्थित एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट में अटैच थीं। राजा की मौत के बाद अर्पित उनके ट्रांसपोर्ट से जुड़े कामकाज को संभाल रहा था।
घटना से पहले 30 सितंबर की सुबह अर्पित ने सोशल मीडिया पर एक स्टेटस पोस्ट किया था। इसमें उसने लिखा था- नियंत्रण बहुत जरूरी है, अगर आमदनी कम हो तो खर्चों पर और आमदनी ज्यादा हो तो शब्दों पर, स्टेटस डालने के कुछ ही देर बाद करीब 11 बजे उसने अपने घर में आत्महत्या कर ली। इससे पहले अर्पित ने अपना जन्मदिन भी मनाया था।
अर्पित अपने परिवार में बड़ा था। उसके परिवार में पत्नी, तीन साल की बेटी और छोटा भाई अभिषेक चौहान हैं। अचानक हुई इस घटना से परिवार सदमे में है और आत्महत्या के पीछे की वजह को लेकर कई सवाल हैं।
घटना की सूचना के बाद इंदौर पुलिस ने मर्ग कायम किया है। पुलिस अब परिवार के सदस्यों और अर्पित के करीबियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही उसके मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस के मुताबिक अभी आत्महत्या के कारण स्पष्ट नहीं हैं। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के पीछे की वजह सामने आ सकेगी।
अर्पित चौहान राजा रघुवंशी के परिवार से जुड़ा हुआ था, राजा की मौत के बाद परिवार के ट्रांसपोर्ट का काम अर्पित ही संभाल रहा था, इसमें राजा रघुवंशी के परिजन भी अर्पित के साथ थे, अर्पित की मौत के बाद से राजा के परिवार को भी कारण समझ में नहीं आ रहा है