

Inder Singh Parmar On Student Union Elections: मध्य प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनावों को लेकर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश की राजनीति और शैक्षणिक जगत में हलचल तेज हो गई है। इंदौर पहुंचे प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने आज हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी।
इंदर सिंह परमार ने साफ कहा कि राज्य सरकार अदालत के निर्देशों का पूरा सम्मान करती है और इस संबंध में जल्द ही उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की समीक्षा के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग हाईकोर्ट के आदेश का गहन अध्ययन कर रहा है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ प्रारंभिक चर्चा भी हो चुकी है। सरकार अदालत के निर्देशों के अनुरूप ही आगे की कार्रवाई करेगी। मंत्री ने कहा कि विभाग सभी कानूनी प्रावधानों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की समीक्षा करने के बाद अंतिम निर्णय लेगा, ताकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप संपन्न हो सके।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर और जबलपुर पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार सितंबर 2026 के अंत तक छात्र संघ चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। याचिका में कहा गया था कि वर्ष 2017 के बाद से प्रदेश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव नहीं कराए गए हैं। इससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर नहीं मिल रहा है और छात्र नेतृत्व के विकास पर भी असर पड़ा है।
उच्च शिक्षा मंत्री के बयान के बाद प्रदेश भर के विभिन्न छात्र संगठनों में उत्साह का माहौल है। छात्र नेताओं का मानना है कि यदि सरकार हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुरूप जल्द चुनाव कार्यक्रम घोषित करती है तो वर्षों से लंबित लोकतांत्रिक प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी।
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फिलहाल सभी की निगाहें राज्य सरकार के अंतिम निर्णय और छात्र संघ चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में सरकार इस विषय पर महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है, जिससे प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को छात्र प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा।