इंदौर में मिलावटी दूध पर प्रशासन का शिकंजा, बिना पंजीयन चल रही डेयरी पर कार्रवाई

Milk Safety:इंदौर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी दूध और दुग्ध उत्पादों के खिलाफ विशेष अभियान चलाते हुए तीन डेयरियों का निरीक्षण किया गया, जहा से अलग अलग खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए ।
Food Safety officials inspect dairy shops in Indore, collect milk and dairy product samples, and take action against an unregistered dairy during a special anti-adulteration drive.
डेयरी से खाद्य सामग्री के सेम्पल लेते अधिकारी (फोटो सोर्स - नवभारत)
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Indore Cracks Down on Dairy Units: इंदौर में मिलावटी एवं असुरक्षित खाद्य पदार्थों के खिलाफ जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा राऊ क्षेत्र में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की विशेष जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर दूध, पनीर, घी और दही सहित कुल 8 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए। इन नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजा जाएगा।

बिना खाद्य पंजीयन चल रही डेयरी पर वैधानिक कार्रवाई

रंगवासा रोड स्थित पाटीदार दूध डेयरी के निरीक्षण में बड़ा उल्लंघन सामने आया। जांच के दौरान प्रतिष्ठान का वैध खाद्य पंजीयन नहीं मिला। मौके पर संचालक सुरेश पाटीदार की मौजूदगी में मिश्रित दूध और पनीर के दो नमूने लिए गए। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत बिना पंजीयन कारोबार संचालित करने पर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अन्य डेयरियों से भी लिए गए नमूने

महाशक्ति नगर स्थित अवंतिका दूध डेयरी स्वीट्स एंड नमकीन से दूध, घी और पनीर के तीन नमूने संग्रहित किए गए। वहीं स्टेशन चौक राऊ स्थित सतगुरु मिल्क प्वाइंट से गाय का दूध, दही और पनीर के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए। सभी नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मोबाइल लैब से मौके पर जांच और जागरूकता

अभियान के दौरान फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स मोबाइल लैब के जरिए खाद्य पदार्थों की स्पॉट टेस्टिंग की गई। खाद्य कारोबारियों और आम नागरिकों को मिलावट की पहचान, सुरक्षित भंडारण, कोल्ड चेन बनाए रखने, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर जागरूक किया गया।

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प्रशासन की चेतावनी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में शुद्ध और सुरक्षित दूध उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से मिलावट की शिकायत कलेक्टर हेल्पलाइन, सीएम हेल्पलाइन या पोर्टल के माध्यम से करने की अपील भी की गई है।

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