दिग्विजय सिंह पर बरसे इंदौर महापौर, बोले- "लगता है उन्हें पाकिस्तान का संविधान ज्यादा पसंद है"

Pushyamitra Bhargav On Digvijaya Singh: इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के सुप्रीम कोर्ट संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्यायपालिका की अवमानना बताया है
Mayor Pushyamitra Bhargav addresses the media while reacting to Digvijaya Singh's remarks on the Supreme Court and demanding contempt proceedings against the Congress leader
इंदौर में मीडिया से बात करते महापौर पुष्यमित्र भार्गव (फोटो सोर्स - नवभारत)
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Mayor Contempt Proceedings Against Digvijaya Singh:कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह द्वारा सुप्रीम कोर्ट को लेकर की गई टिप्पणी पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह के पुराने कृत्यों को देखकर ऐसा लगता है कि उन्हें भारत से ज्यादा पाकिस्तान का संविधान पसंद है। महापौर ने उनकी टिप्पणी को न्यायपालिका का अपमान बताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी को बताया अवमानना, दिग्विजय पर कार्रवाई की मांग

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि एक विधि के छात्र और जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्हें इस तरह की टिप्पणी से दुख पहुंचा है। उनका कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के प्रति इस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल अदालत की अवमानना की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि वे खुद इस मामले में आवेदन देंगे और सुप्रीम कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेकर दिग्विजय सिंह के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई करने की मांग करेंगे।

कांग्रेस पर भी साधा निशाना, बोले- अपना नामांकन तक सही नहीं भर पाए

महापौर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस पार्टी के वरिष्ठ वकीलों की पूरी टीम मौजूद थी, वह अपने उम्मीदवार का नामांकन पत्र तक सही तरीके से दाखिल नहीं करा सकी। उन्होंने कहा कि अगर मामला असाधारण परिस्थितियों का था तो कांग्रेस सीधे सुप्रीम कोर्ट जा सकती थी, लेकिन उसने समय रहते ऐसा नहीं किया और बाद में तत्काल सुनवाई की मांग करने लगी।

9 से 11 जून तक कांग्रेस क्या करती रही? महापौर ने उठाए सवाल

पुष्यमित्र भार्गव ने सवाल उठाते हुए कहा कि नामांकन निरस्त होने के बाद 9 जून से 11 जून तक कांग्रेस नेतृत्व क्या कर रहा था। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े कानूनों की जानकारी होने के बावजूद पार्टी ने समय पर कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल नहीं किया और अब न्यायपालिका पर सवाल खड़े कर रही है।

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'मध्यप्रदेश का बंटाधार करने वाले आज न्यायपालिका पर सवाल उठा रहे'

महापौर ने दिग्विजय सिंह पर राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का बंटाधार करने वाले नेता अब देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनवाई की तारीख तय की, इसके बावजूद अदालत पर की गई टिप्पणी अनुचित और अस्वीकार्य है, महापौर ने कहा की वे खुद इसके लिए आवेदन देंगे और सुप्रीम कोर्ट से आग्रह करेंगे की इस मामले में स्वत संज्ञान लिया जाए ।

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