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इंदौर के एमआर टीबी हॉस्पिटल में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के गेट पर अधीक्षक का पुतला लटकाकर विरोध जताया।
करोड़ों रुपये की दवाइयों की खरीदी और वितरण में गड़बड़ी के आरोप लगाए।
अस्पताल के स्टोर रूम का कई वर्षों का रिकॉर्ड गायब होने का कांग्रेस ने किया दावा ।
Indore MR TB Hospital : इंदौर स्थित मनोरमा राजे चिकित्सालय (एमआर टीबी हॉस्पिटल) में दवाइयों की खरीदी और वितरण में कथित अनियमितताओं,स्टोर रूम का रिकॉर्ड गायब होने और मरीजों को निजी लैब में जांच के लिए भेजने के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर के गेट पर अधीक्षक का पुतला लटकाकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मनोरमा राजे चिकित्सालय में कथित अनियमितताओं को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। गिरीश जोशी और विवेक खंडेलवाल के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान अधीक्षक का पुतला गेट पर लटकाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अस्पताल में दवाइयों की खरीदी, मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराने और जांच व्यवस्था से जुड़े मामलों की गंभीरता से पड़ताल होनी चाहिए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अस्पताल में मरीजों के लिए खरीदी जाने वाली करोड़ों रुपये की दवाइयों की खरीदी और वितरण में गड़बड़ी हुई है। नेताओं ने दवाइयों को कथित तौर पर बेचे जाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने मांग की कि दवाइयों की खरीदी, स्टॉक और मरीजों को वितरण से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराई जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
इंदौर शहर में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने अस्पताल के स्टोर रूम का कई वर्षों का रिकॉर्ड गायब होने का दावा किया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दवाइयों के स्टॉक और वितरण का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है, तो खरीदी गई दवाइयों का हिसाब कैसे लगाया जाएगा। कांग्रेस ने रिकॉर्ड से जुड़े मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मरीजों को अस्पताल से बाहर निजी लैब में जांच कराने के लिए भेजा जाता है। इससे मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की बात कही गई। नेताओं ने इस व्यवस्था में कमीशनखोरी की आशंका जताते हुए अस्पताल में उपलब्ध जांच सुविधाओं और मरीजों को निजी लैब में भेजने की प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस ने दावा किया कि कथित अनियमितताओं को लेकर पहले भी कई बार ज्ञापन दिए गए, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नेताओं ने सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी नहीं मिलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने दवाइयों की खरीदी, वितरण, स्टोर रूम के रिकॉर्ड और जांच व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं और पारदर्शी व्यवस्था मिलनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अनियमितताएं प्रमाणित होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो। फिलहाल, इन आरोपों पर अस्पताल प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है। जांच या आधिकारिक कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी।