इंदौर में कर्बला मैदान पर मोहर्रम मेले की अनुमति रद्द, कांग्रेस ने उठाए सवाल, शुरू हो गई सियासत

Indore News : इंदौर के कर्बला मैदान पर मोहर्रम मेले की अनुमति नगर निगम ने रद्द कर दी। MIC के फैसले के बाद कांग्रेस ने विरोध जताया और धार्मिक परंपरा का हवाला देते हुए अनुमति बहाल करने की मांग की।
Indore Karbala Ground Muharram Mela
कर्बला मैदान (फोटो सोर्स- नवभारत)
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Indore Karbala Ground Muharram Mela : इंदौर शहर के कर्बला मैदान पर आयोजित होने वाले पारंपरिक मोहर्रम मेले की अनुमति रद्द किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। गुरुवार देर शाम नगर निगम के अपर आयुक्त द्वारा मेले की अनुमति जारी किए जाने के कुछ ही समय बाद महापौर परिषद (एमआईसी) की वर्चुअल बैठक बुलाई गई, जिसमें अनुमति को निरस्त करने का फैसला लिया गया। इस निर्णय के बाद कांग्रेस ने नगर निगम के फैसले का विरोध करते हुए इसे वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा से जुड़ा मामला बताया और अनुमति बहाल करने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार, नगर निगम के अपर आयुक्त ने गुरुवार को मोहर्रम मेले के आयोजन की अनुमति जारी कर दी थी। अनुमति की जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महापौर ने अधिकारियों के निर्णय पर नाराजगी जताते हुए देर रात एमआईसी की वर्चुअल बैठक बुलाई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कर्बला मैदान पर केवल पारंपरिक रूप से ताजिए ठंडे करने की अनुमति रहेगी, जबकि मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

शर्तों का पालन नहीं होने के कारण ये फैसला

नगर निगम के राजस्व प्रभारी और एमआईसी सदस्य निरंजन चौहान ने कहा कि पूर्व में दी गई अनुमतियों के दौरान निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया गया था। इसी कारण इस बार मेले की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों द्वारा पहले अनुमति जारी किए जाने का मामला जांच का विषय है, लेकिन एमआईसी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए अनुमति निरस्त कर दी है।

कांग्रेस ने किया निगम के फैसले का विरोध

दूसरी ओर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने निगम के फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि कर्बला मैदान पर लगने वाला मोहर्रम मेला वर्षों पुरानी धार्मिक और सामाजिक परंपरा का हिस्सा है। किराया या प्रशासनिक विवाद का हवाला देकर धार्मिक आयोजन को रोकना उचित नहीं है। उन्होंने निगम प्रशासन से अनुमति बहाल करने और परंपरा को पूर्व की तरह जारी रखने की मांग की।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

मोहर्रम मेले की अनुमति को लेकर इंदौर नगर निगम के भीतर लिए गए फैसलों और फिर उसे निरस्त किए जाने से प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं और राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है।

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