

Indore Illegal Tanker Market: एक ओर शहर भीषण जल संकट से जूझ रहा है और प्रशासन जल संरक्षण के लिए अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर बायपास क्षेत्र में भूजल के अंधाधुंध दोहन का खेल खुलेआम जारी है। बायपास स्थित जमनिया रोड और आसपास के क्षेत्रों में पानी के टैंकरों की अवैध मंडी संचालित हो रही है, जहां दिन-रात सैकड़ों टैंकरों के जरिए भूजल निकाला जा रहा है।
स्थानीय रहवासियों के अनुसार क्षेत्र में कई निजी बोरवेलों से लगातार पानी खींचकर टैंकरों में भरा जा रहा है। इन टैंकरों के माध्यम से शहर के विभिन्न इलाकों, होटलों, हॉस्टलों, मैरिज गार्डनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पानी की आपूर्ति की जा रही है। रहवासियों का आरोप है कि जिम्मेदार विभागों को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
रहवासियों का कहना है कि लगातार हो रहे भूजल दोहन के कारण क्षेत्र में जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कई घरों के बोरवेल और हैंडपंपों में पानी कम होने लगा है, जबकि कुछ स्थानों पर सूखने की स्थिति भी बनने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में क्षेत्र में गंभीर जल संकट खड़ा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक क्षेत्र में स्थापित गहरे बोरवेलों से प्रतिदिन लाखों लीटर पानी निकाला जा रहा है। टैंकरों के माध्यम से यह पानी ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। जल संकट बढ़ने के साथ ही पानी के टैंकरों के दाम भी बढ़ गए हैं। जहां पहले एक टैंकर 400 से 500 रुपये में उपलब्ध हो जाता था, वहीं अब इसकी कीमत 800 रुपये या उससे अधिक तक पहुंच गई है।
रहवासियों का आरोप है कि जल संरक्षण को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाला प्रशासन भूजल दोहन रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। क्षेत्र में खुलेआम चल रहे इस कारोबार के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों ने प्रशासन से अवैध बोरवेलों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और भूजल संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
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शहर में पानी की किल्लत के बीच बायपास क्षेत्र में चल रहा यह अवैध कारोबार चिंता का विषय बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भूजल के अंधाधुंध दोहन पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर भूजल संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की है।