

Parshuram Lok To Be Built Janapav Indore: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को इंदौर जिले के जानापाव में महाँकाल महालोक की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले भगवान श्री परशुराम लोक और भगवान श्रीकृष्ण लोक का भूमिपूजन किया। करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से इस धार्मिक एवं पर्यटन स्थल का विकास किया जाएगा।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जानापाव वह गौरवशाली धरती है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। उन्होंने कहा कि महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम वाले इस पवित्र स्थल पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करना सौभाग्य की बात है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश का भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम से गहरा संबंध रहा है। सरकार प्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के चरण पड़ने वाले सभी प्रमुख स्थलों को तीर्थ और धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि चित्रकूट धाम, जानापाव, श्रीराम के वनगमन से जुड़े आश्रमों सहित भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों का विकास किया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के करीब 5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को जनता के सामने लाने के लिए सरकार काम कर रही है। भगवान श्रीकृष्ण के मध्यप्रदेश से जुड़े स्थलों, रुक्मिणी हरण से संबंधित क्षेत्रों और धार जिले में हुए युद्ध से जुड़े स्थानों को भी विकसित किया जाएगा।
जानापाव में लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक विकसित किए जाएंगे। परियोजना के तहत यज्ञ कुंड का पुनर्विकास, भव्य ऑडिटोरियम, ध्यान कुटीर, हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग, बहुउद्देशीय भवन और अन्य जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पहाड़ी पर रोपवे निर्माण भी प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि महाँकाल महालोक के विकास के बाद उज्जैन में धार्मिक पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यवसाय के अवसर भी बढ़े हैं। इसी तर्ज पर जानापाव को भी देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक चेतना पीठ के रूप में विकसित करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का संदेश दिया। उन्होंने गीता के माध्यम से पूरी दुनिया को कर्म, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक क्षमा किया और इसके बाद धर्म की रक्षा के लिए उसका अंत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों का विकास केवल पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए भी जरूरी है। जानापाव में परशुराम लोक और श्रीकृष्ण लोक का विकास इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।