ग्वालियर में प्रहलाद पटेल का राहुल गांधी पर निशाना, बोले- संविधान की बात करने वालों का इतिहास देश जानता है

Prahlad Patel Statement : मंत्री प्रहलाद पटेल ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि संविधान की बात करने वालों का इतिहास देश जानता है। उन्होंने इमरजेंसी और नीट परीक्षा पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
Prahlad Patel On Rahul Gandhi
प्रहलाद पटेल (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Prahlad Patel On Rahul Gandhi : मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री प्रहलाद पटेल ने ग्वालियर दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी संविधान को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार रहे, वही आज संविधान की प्रति हाथ में लेकर घूम रहे हैं। देश का युवा उनके इतिहास और वर्तमान दोनों को अच्छी तरह समझता है।

प्रहलाद पटेल ने यह बयान राहुल गांधी के देश में छात्रों की गूंज अभियान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिया। उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा की बात करने वाले पहले अपने राजनीतिक इतिहास को देखें। जनता और विशेषकर युवा वर्ग इस विषय में पूरी तरह जागरूक है और वह तथ्यों को समझता है।

शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई नीट परीक्षा

नीट परीक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले ही परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष स्पष्ट कर चुके हैं। उनके अनुसार परीक्षा सफलतापूर्वक और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई है। अब छात्रों और अभिभावकों को परिणाम आने का इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक परिणाम और प्रक्रिया का सम्मान किया जाना चाहिए।

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का संवेदनशील अध्याय

इमरजेंसी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने के मुद्दे पर भी प्रहलाद पटेल ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील अध्याय है। यदि छात्रों को इस दौर की जानकारी नहीं दी जाएगी तो देश के लोकतांत्रिक इतिहास की समझ अधूरी रह जाएगी। उनके अनुसार, लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए संघर्ष और उस दौर की घटनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।

आपातकाल को लेकर वक्ताओं ने रखे अपने विचार

मंत्री प्रहलाद पटेल ग्वालियर स्थित राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित "आपातकाल: एक काला अध्याय" विषयक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम में आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं पर पड़े प्रभाव, नागरिक अधिकारों और उस समय के राजनीतिक घटनाक्रम पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान मंत्री ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और इतिहास से सीख लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

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