Highlights :
ग्वालियर के मदरसा ए दारुल उल कुरान में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की कार्रवाई।
निरीक्षण के दौरान 8 नाबालिग बच्चियां और 16 बच्चे मिले।
मदरसे में 15 बच्चियां और 42 बच्चे पंजीकृत होने की जानकारी।
मदरसे का संचालन बंद कर बच्चों को CWC की निगरानी में सौंपा गया।
अभिभावकों ने सुविधाओं पर संतुष्टि जताई, मदरसा प्रबंधन ने कार्रवाई पर सवाल उठाए।
Gwalior Madrasa Raid : ग्वालियर में बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने एजी ऑफिस के पास स्थित मदरसा ए दारुल उल कुरान में छापेमार कार्रवाई की है। आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा के नेतृत्व में पहुंची टीम को निरीक्षण के दौरान 8 नाबालिग बच्चियां और 16 बच्चे मिले। जांच में मदरसे के संचालन और व्यवस्थाओं से जुड़ी कई अनियमितताएं सामने आईं।
आयोग के मुताबिक मदरसे में पढ़ने वाले बच्चों के किसी स्कूल में नियमित रूप से पढ़ने की जानकारी नहीं मिली। वहीं मदरसे और छात्रावास के पंजीयन से जुड़े दस्तावेज भी टीम को नहीं मिले। इसके बाद मदरसे का संचालन बंद कराकर बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) की निगरानी में सौंप दिया गया।
दरअसल बाल अधिकारों से संबंधित शिकायत मिलने के बाद मध्य प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम मदरसा ए दारुल उल कुरान पहुंची थी। आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा के नेतृत्व में टीम ने एजी ऑफिस के पास मस्जिद की इमारत में संचालित मदरसे का निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर कुल 24 बच्चे मिले, जिनमें 8 नाबालिग बच्चियां और 16 बच्चे शामिल हैं।
आयोग को मिली जानकारी के अनुसार मदरसे में 15 बच्चियां और 42 बच्चे पंजीकृत हैं। हालांकि निरीक्षण के दौरान मौके पर 24 बच्चे ही मिले। जांच के दौरान बच्चों की नियमित स्कूली शिक्षा को लेकर सवाल उठे। आयोग की टीम को ऐसी जानकारी नहीं मिली कि मदरसे में पढ़ने वाले बच्चे किसी स्कूल में भी पढ़ाई कर रहे हैं। इस संबंध में बच्चों के स्कूल में पंजीयन और शिक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
ग्वालियर शहर में मदरसा ए दारुल उल कुरान का संचालन अंजुमन इस्लाहे मुआशरा समिति द्वारा किया जाता है। निरीक्षण के दौरान आयोग की टीम को मदरसे और छात्रावास से संबंधित पंजीयन के दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद आयोग ने मदरसे के संचालन, बच्चों की सुरक्षा और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं की जांच शुरू कर दी।
आयोग की कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के अभिभावक भी मदरसे पहुंचे। अभिभावकों ने वहां बच्चों को दी जा रही सुविधाओं पर संतुष्टि जताई। वहीं मदरसा प्रबंधन ने आयोग की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की और बच्चों को निगरानी में सौंपने के फैसले पर सवाल उठाए।
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की जांच फिलहाल जारी है। अब जांच के जरिए मदरसे के पंजीयन, बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मदरसे के संचालन और बच्चों की शिक्षा से संबंधित नियमों का कितना पालन किया जा रहा था।