

Jitu Patwari Arrest Warrant: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्वालियर की विशेष MP-MLA कोर्ट ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और लेनदेन के आरोप लगाने के मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। अदालत ने भिंड पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि अगली सुनवाई, 27 जुलाई को हर हाल में जीतू पटवारी की कोर्ट में उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि जीतू पटवारी का पता नहीं चल सका। इस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पटवारी एक चर्चित राजनेता है जिनके बयान आए दिन अखबारों में छपते हैं। इसके बावजूद पुलिस बार-बार ये रिपोर्ट दे रही है कि वह मिल नहीं रहे? ऐसा लगता है पुलिस आरोपी को अनुचित संरक्षण दे रही है। अदालत ने इस पर भिंड एसपी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
मामला 27 अप्रैल 2024 का है। उस दिन जीतू पटवारी भिंड जिले के दौरे पर थे और भिंड-दतिया लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया के समर्थन में ऊमरी कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए और भिंड-दतिया से बसपा प्रत्याशी बने देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठगांठ और कथित लेन-देन के आरोप लगाए थे। शिकायत के अनुसार, पटवारी ने सभा में बिना किसी तथ्य के गंभीर आरोप लगाए और आपत्तिजनक भाषा का भी इस्तेमाल किया, जिससे जरारिया की छवि को नुकसान पहुंचा।
देवाशीष जरारिया की शिकायत पर 4 मई 2024 को भिंड के उमरी थाने में जीतू पटवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में कोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को उन्हें पेश होने का नोटिस जारी किया था, लेकिन वे अदालत में उपस्थित नहीं हुए।
एफआईआर के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने चुनावी सभा की वीडियो सीडी पुलिस को सौंपी थी। वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने दर्ज किया कि सभा के दौरान जीतू पटवारी ने कहा था कि "वह (देवाशीष जरारिया) बीजेपी से माल लाए हैं" और उन पर भाजपा से सांठगांठ के आरोप लगाए थे।
विशेष MP-MLA कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी करते हुए भिंड पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 27 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में जीतू पटवारी की अदालत में मौजूदगी हर हाल में सुनिश्चित की जाए। अब इस मामले की अगली कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।