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ग्वालियर के ग्रामीण इलाकों में अवैध कच्ची शराब की बिक्री के वीडियो वायरल।
महिलाएं फुटपाथ पर बैठकर 40 रुपए में बेचती दिखीं शराब के पाउच।
वायरल वीडियो कथित तौर पर डबरा की लक्ष्मी कॉलोनी और चीनोर रोड के।
Gwalior Illegal Liquor Business : ग्वालियर जिले के ग्रामीण इलाकों में अवैध कच्ची शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। सोशल मीडिया पर महिलाओं के फुटपाथ पर बैठकर खुलेआम शराब के पाउच बेचने के वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद आबकारी विभाग हरकत में आ गया है।
वायरल वीडियो कथित तौर पर डबरा और चीनोर रोड के बताए जा रहे हैं। इनमें महिलाएं महज 40 रुपए में कच्ची शराब के पाउच बेचती नजर आ रही हैं। मामला सामने आने के बाद जिला सहायक आबकारी अधिकारी ने वीडियो का संज्ञान लेकर विशेष टीमें गठित की हैं जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिलाएं सड़क किनारे फुटपाथ पर बैठकर खुलेआम कच्ची शराब बेचती दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि ये वीडियो डबरा की लक्ष्मी कॉलोनी और चीनोर में इटायल रोड स्थित महाराजपुर पुलिया के पास के हैं। दोनों वीडियो 2 दिन पहले दिन के समय बनाए गए थे जिन्हें बाद में सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया है। वीडियो में महिलाएं 40 रुपए में अवैध कच्ची शराब के पाउच बेचती नजर आ रही हैं।
वायरल वीडियो जिला सहायक आबकारी अधिकारी राजेश कुमार तिवारी तक भी पहुंचे हैं। इसके बाद उन्होंने मामले का संज्ञान लेते हुए विशेष टीमें गठित की हैं। विभाग की टीमें डबरा और भितरवार क्षेत्र में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। आबकारी विभाग का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
सहायक आबकारी अधिकारी राजेश कुमार तिवारी के मुताबिक जिले के पनिहार से मोहना, डबरा जिले और भितरवार सहित शहर के सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोग सक्रिय हैं। विभाग समय समय पर इन ठिकानों पर कार्रवाई करता है। इस दौरान अवैध शराब और उससे जुड़ी सामग्री जब्त कर संबंधित लोगों के खिलाफ प्रकरण भी दर्ज किए जाते हैं।
जिले में त्योहारों के आसपास अवैध कच्ची शराब की बड़ी मात्रा खपाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में आबकारी विभाग के सामने इस कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण की चुनौती है। वायरल वीडियो के बाद डबरा और भितरवार में चल रही दबिश के बीच अब यह देखना होगा कि कार्रवाई में कितने ठिकानों का खुलासा होता है और अवैध शराब के कारोबार से जुड़े कितने लोगों पर शिकंजा कसता है।