सीहोर में फिल्मी स्टाइल में किडनैपिंग! बुजुर्ग किसान को कार में खींच ले गए नकाबपोश; 3 लोगों पर संदेह

Sehore News: मंदिर जा रहे किसान प्रेम सिंह मेवाडा का नकाबपोशों ने अपहरण कर लिया, जमीन विवाद के चलते वारदात की आशंका जताई जा रही है। बता दें कि 3 लोगों पर शक जताया जा रहा है।
Sehore Farmer Prem Singh Mewada Kidnapping Land Dispute Search News Update
सीहोर किसान किडनैपिंग केस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sehore Farmer Kidnapping Case: सीहोर जिला मुख्यालय के पास ग्राम ढाबला केलवाड़ी में मंगलवार सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई, जब नकाबपोश बदमाशों ने एक बुजुर्ग किसान का फिल्मी अंदाज में अपहरण कर लिया। इस वारदात के बाद से पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल है।

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना सुबह करीब 09:10 बजे की है। पीड़ित किसान प्रेम सिंह मेवाडा अपने घर से मंदिर जाने के लिए निकले थे। तभी मुख्य हाईवे पर स्थित राजपूत ढाबे के पास एक सफेद रंग की कार आकर रुकी। कार से उतरे अज्ञात नकाबपोशों ने प्रेमसिंह को जबरन गाड़ी में खींचा और भोपाल की ओर फरार हो गए।

प्रेम सिंह ने 3 मिनट के अंदर ही बेटे को किया फोन

​अपहरण की वारदात के दौरान पीड़ित किसान ने साहस दिखाते हुए घटना के महज तीन मिनट बाद अपने बेटे जगदीश मेवाड़ा को फोन कर पूरी जानकारी दी। प्रत्यक्षदर्शी मजदूरों ने भी पुष्टि की कि बदमाश किसान को जबरन कार में बैठाकर ले गए थे। घटना के बाद परिजनों में दहशत का माहौल है। परिवार ने इस अपहरण के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जांच में जुटी है।

इन तीन लोगों पर जताया गया शक

मध्य प्रदेश पुलिस को सौंपी गई शिकायत में कपिल शर्मा, देव नारायण उर्फ गुड्डा और मनीष परमार पर अपहरण में शामिल होने का संदेह जताया गया है। परिजनों के अनुसार इन लोगों के बीच लंबे समय से जमीन के सौदे और लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके चलते रंजिश की स्थिति बनी हुई थी। किसान के बेटे जगदीश मेवाड़ा ने थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस ने चलाया सर्च ऑपरेशन

घटना के बाद पुलिस ने किसान की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए उनके मोबाइल फोन की लोकेशन और कॉल डिटेल खंगाली जा रही हैं। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में भी लगातार तलाश की जा रही है, लेकिन फिलहाल किसान का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

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