Exclusive Story : प्रधानमंत्री AHP आवास की राशि आखिर गई कहां ? गर्माया मुद्दा तो हुआ खुलासा !

Dindori Nagar Parishad : नगर परिषद डिंडौरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के AHP घटक से जुड़ी वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है।
Dindori Nagar Parishad PM Awas Yojana Financial Irregularities Case
बायपास स्थित बने पीएम AHP आवास,जहां के हितग्राहियों द्वारा जमा राशि और मूल पर्ची गायब हैफोटो सोर्स - नवभारत
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Highlights :

  • डिंडौरी नगर परिषद में PM आवास योजना के नाम पर वित्तीय अनियमितता का आरोप।

  • 24 रसीदों के जरिए 32.50 लाख रुपये का हिसाब सामने आया।

  • हितग्राहियों से वसूली गई रकम नगर परिषद के खाते में जमा नहीं होने का मामला।

  • कांग्रेस पार्षद ज्योतिरादित्य भलावी ने CMO से की लिखित शिकायत।

Dindori Nagar Parishad PM Awas Yojana Scam : नगर परिषद डिंडौरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के AHP घटक के तहत हितग्राहियों से वसूली गई लाखों रुपये की राशि जमा नहीं होने का मामला सामने आया है। कांग्रेस पार्षद ज्योतिरादित्य भलावी ने इस मामले में वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाते हुए मुख्य नगर पालिका अधिकारी वेदप्रकाश पुरी गोस्वामी को लिखित शिकायत सौंपी है।

पार्षद ने रसीद बुक और वसूली गई रकम का पूरा हिसाब सामने लाने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं CMO ने भी राशि नगर परिषद के कोष में जमा नहीं होने की बात स्वीकार करते हुए जांच शुरू कराने की जानकारी दी है।

24 रसीदों के 32.50 लाख रुपये का हिसाब नहीं

वार्ड क्रमांक 2 के कांग्रेस पार्षद ज्योतिरादित्य भलावी का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के AHP घटक के तहत हितग्राहियों से 2 लाख रुपये लिए जा रहे थे लेकिन वसूली गई रकम नगर परिषद के आधिकारिक खाते में जमा नहीं कराई गई। पार्षद के मुताबिक हितग्राहियों को दी गई रसीदों की मूल प्रतियों का रिकॉर्ड भी नगर परिषद में उपलब्ध नहीं है। उनका कहना है कि अब तक 24 रसीदों के जरिए 32.50 लाख रुपये की राशि का हिसाब सामने आया है। उन्होंने सभी रसीदों और जमा राशि का मिलान कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

CMO ने स्वीकार की राशि जमा नहीं होने की बात

डिंडौरी में प्रधानमंत्री आवास योजना के AHP घटक के तहत हितग्राहियों से वसूली गई लाखों रुपये की राशि जमा नहीं होने का मामला में CMO वेदप्रकाश पुरी गोस्वामी ने मीडिया को बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भंडार प्रभारी द्वारा रसीद नंबर 3 अशोक दीक्षित के नाम पर जारी की गई थी।

इस रसीद बुक के माध्यम से विशंभर नामक कर्मचारी ने हितग्राहियों से राशि वसूल की थी लेकिन 2 लाख रुपये सहित कुल एक लाख 80 हजार रुपये नगर परिषद के कोष में जमा नहीं कराए गए हैं। CMO के अनुसार अब तक 24 रसीदों के माध्यम से 32 लाख 50 हजार रुपये की राशि का हिसाब सामने आया है।

कई रसीदों की पर्चियां क्रमवार नहीं मिल रहीं

CMO के मुताबिक रसीद बुक की कई पर्चियां क्रमवार उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। रसीद नंबर 3 से कुल कितनी पर्चियां काटी गईं और हितग्राहियों से कितनी रकम वसूल की गई इसका पूरा विवरण फिलहाल नहीं मिल सका है। ऐसे में नगर परिषद के रिकॉर्ड और हितग्राहियों को दी गई रसीदों का मिलान जांच का अहम हिस्सा होगा। इससे ये स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी राशि वसूली गई और सरकारी खाते में कितनी जमा हुई।

FIR और संपत्ति से वसूली की चेतावनी

CMO ने बताया कि मामला सामने आने के बाद जांच शुरू करा दी गई है। यदि संबंधित कर्मचारी रसीदों और वसूली गई राशि का संतोषजनक हिसाब प्रस्तुत नहीं करता है तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कराने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा गबन की गई राशि की वसूली भी कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति की चल-अचल संपत्ति से भी रकम वसूलने की कार्रवाई की जाएगी।

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कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी

कांग्रेस पार्षद ज्योतिरादित्य भलावी ने मांग की है कि जारी की गई रसीद बुक, काटी गई पर्चियों और हितग्राहियों से वसूली गई राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।