

डिंडोरी: मध्य प्रदेश से मिली एक सनसनीखेज खबर के अनुसार यहां के डिंडोरी में एक सरकारी अस्पताल के बिस्तर पर एक गर्भवती आदिवासी महिला को खून के धब्बे साफ करने के लिए कथित तौर पर मजबूर करने का मामला सामने आया है। इस बिस्तर पर उसके मृत पति के खून के धब्बे लगे थे। इस मामले में कार्रवाई करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्सिंग ऑफिसर और आया को सस्पेंड कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार मामला जिला अस्पताल डिंडोरी का है। यहां अक गर्भवती महिला ने अपने पति को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस दौरान 5 महीने की गर्भवती महिला अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ विलाप कर रही थी। लेकिन इस पर भी अस्पताल में मौजूद नर्सिंग स्टाफ उसके साथ बदसलूकी करते रहे। उन्होंने उससे मृतक का बिस्तर साफ कराया। अस्पताल में हुई इस शर्मनाक हरकत का किसी ने वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
यहां पढ़ें - बंटोगे तो कटोगे नारे पर गिरिराज सिंह का बयान, बोले ये कोई नारा नहीं, एक मंत्र है मामले पर अधिकारियों ने जानकारी देता हुए बताया कि, " मृतक रघुराज मरावी पर रिश्तेदारों ने जमीन विवाद को लेकर हमला कर दिया था और उसे बाते गुरुवार की रात घायल अवस्था में सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। बाद में उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी रोशनी बाई, जो पांच महीने की गर्भवती हैं, को उस बिस्तर से खून के धब्बे धोने पड़े जिस पर उन्हें भर्ती कराया गया था। यह घटना शनिवार की है। हमने नर्सिंग अधिकारी राकुमारी मरकाम और छोटी बाई ठाकुर को निलंबित कर दिया है और चिकित्सा अधिकारी डॉ। चंद्रशेखर सिंह का तबादला कर दिया है।''
यह भी बताया गया कि हमले में रघुराज के भाई शिवराज मरावी और पिता धरम सिंह मरावी की मौत हो गई जबकि दूसरे भाई रामराज को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार यह हमला जिला मुख्यालय से लगभग 50 किलोमीटर दूर लालपुर गांव में एक जमीन पर फसल काटने को लेकर हुए विवाद के कारण किया गया था।
इसके बाद मामले की नजाकत को देखते हुए राज्यके डिप्टी CM और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इस मामले में मिसाल कायम करने की बात करते हुए कहा कि यह वीडियो निंदनीय है। इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी। नर्सिंग स्टाफ को निलंबित करने के साथ ही सख्त कदम उठाए जाएंगे। ताकि प्रदेश में ऐसी कोई घटना दोबारा से न हो। (एजेंसी इनपुट के साथ)