

Supreme Court Road Safety Committee Order MP: मध्य प्रदेश में बारिश के दौरान खुले नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग तथा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। इसके साथ ही रोड सेफ्टी कमेटी ने शिकायत या सूचना मिलने के 48 घंटे के भीतर सड़कों के गड्ढे भरने के निर्देश दिए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने यह आदेश जारी करते हुए बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी सड़क मरम्मत कार्य पूरा करने को कहा है। इस संबंध में कमेटी ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश भेजे हैं। इसके अलावा कमेटी ने प्रदेश सरकार से पिछले पांच वर्षों का विस्तृत डाटा भी मांगा है। इसमें गड्ढों के कारण हुई सड़क दुर्घटनाएं, खुले जलभराव वाले क्षेत्र, बिना बैरिकेडिंग वाली जगहों पर हुई मौतें और घायल लोगों की पूरी जानकारी शामिल करने को कहा गया है।
सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी निर्देशों में रोड सेफ्टी कमेटी ने साफ कहा है कि सड़क निर्माण और रखरखाव का कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाना अनिवार्य होगा। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि इन निर्देशों का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने निर्देश देते हुए कहा है कि सड़कों पर मौजूद गड्ढों की पहचान कर उनकी तत्काल मरम्मत की जाए। इसके साथ ही खुले नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों पर मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।
इस संबंध में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को सभी संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही, इन निर्देशों के पालन की रिपोर्ट रोड सेफ्टी कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया है। सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए जिला सड़क सुरक्षा समितियों को नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट करने और व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।