इंदौर में आदिवासी छात्रा प्रियंका सेंगर से किया वादा राहुल गांधी ने निभाया, दिल्ली में हुआ आंख का सफल इलाज

Priyanka Sengar Eye Treatment : 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में प्रियंका ने सुनाई थी अपनी आपबीती, तीन साल की उम्र में हादसे में खराब हो गई थी दाईं आंख।
Rahul Gandhi Arranges Eye Treatment For Priyanka Sengar
प्रियंका सेंगर का दिल्ली में हुआ आंख का सफल इलाजफोटो सोर्स - सोशल मीडिया
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Highlights :

  • राहुल गांधी ने इंदौर के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में आदिवासी छात्रा प्रियंका सेंगर से किया वादा निभाया।

  • तीन साल की उम्र में हादसे के कारण खराब हुई थी प्रियंका की दाईं आंख।

  • दिल्ली के प्रमुख अस्पताल में कराया गया आंख का इलाज।

  • इलाज के बाद पहली बार फ्लाइट से अपने घर लौटीं प्रियंका।

Rahul Gandhi Arranges Eye Treatment For Priyanka Sengar : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान आदिवासी छात्रा प्रियंका सेंगर से किया वादा पूरा किया। बड़वानी जिले के सेंधवा क्षेत्र के पाड़छा गांव की रहने वाली प्रियंका की आंख का दिल्ली में सफल इलाज कराया गया है।

इलाज के बाद प्रियंका पहली बार हवाई सफर कर अपने घर लौटी हैं। उनका फ्लाइट से घर लौटने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसे कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने X पर साझा करते हुए इसे भरोसे और उम्मीद की निशानी बताया।

इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में हुई थी मुलाकात

19 सितंबर 2026 को इंदौर में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी ने प्रदेशभर से आए छात्र छात्राओं से संवाद किया था। इस दौरान शिक्षा, रोजगार और युवाओं की समस्याओं पर चर्चा हुई थी। कार्यक्रम में प्रियंका सेंगर ने भी अपनी बात रखी थी। बातचीत के दौरान राहुल गांधी की नजर प्रियंका की दाईं आंख पर पड़ी और उन्होंने चोट के बारे में पूछा।

3 साल की उम्र में हादसे में खराब हुई थी आंख

प्रियंका ने बताया था कि जब वो महज तीन साल की थीं तब एक हादसे में खाने वाला चूना गलती से उनकी दाईं आंख में चला गया था। इसके कारण उनकी आंख की रोशनी पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उस समय उनका प्रोपर इलाज नहीं हो सका। प्रियंका की परेशानी सुनने के बाद राहुल गांधी ने उनके इलाज की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया था।

राहुल गांधी ने निभाया वादा

प्रियंका की आपबीती सुनने के बाद राहुल गांधी ने उन्हें इलाज के लिए दिल्ली बुलवाया। एक प्रमुख अस्पताल में उनकी आंख का सफल इलाज कराया गया। इलाज पूरा होने के बाद प्रियंका पहली बार फ्लाइट से अपने घर लौटीं। उनके घर लौटने का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे साझा करते हुए लिखा, "यह भरोसा और उम्मीद की निशानी है।"

पढ़ाई के लिए माता पिता ने गिरवी रखे खेत और जेवर

प्रियंका का जीवन संघर्षों से भरा रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में बताया था कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के बावजूद माता पिता ने उनकी पढ़ाई जारी रखी। शिक्षा का खर्च उठाने के लिए कई बार मां के जेवर और पिता का खेत तक गिरवी रखना पड़ा।

प्रियंका ने बताया था कि कक्षा पहली से 12वीं तक उन्होंने सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई की। वहां कई बार अच्छा खाना नहीं मिलने के कारण उन्हें घर से लाई गई लाल मिर्च की चटनी और रोटी खाकर दिन गुजारने पड़ते थे। उन्होंने छात्रावास की वार्डन पर छात्राओं से काम कराने के आरोप भी लगाए थे।

राहुल गांधी के सामने उठाया था आदिवासी छात्राओं की शिक्षा का मुद्दा

सरकारी छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने के कारण प्रियंका आदिवासी छात्राओं की समस्याओं से परिचित हैं। उन्होंने राहुल गांधी के सामने आदिवासी क्षेत्रों और बड़े शहरों में सरकारी छात्रावासों की संख्या और सीटें बढ़ाने का मुद्दा उठाया था।

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अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का सपना

तमाम आर्थिक और व्यक्तिगत मुश्किलों के बावजूद प्रियंका ने अपनी मास्टर ऑफ सोशल वर्क की पढ़ाई पूरी की है। फिलहाल वो इंदौर में रहकर असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए NET SET परीक्षा की तैयारी कर रही हैं। आंख के इलाज के बाद प्रियंका के जीवन में नई उम्मीद जगी है। संघर्षों के बीच शिक्षा जारी रखने वाली प्रियंका अब अपने प्रोफेसर बनने के सपने को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।