

BHOPAL NEWS: किसानों की मांगों को लेकर किए गए आंदोलन के बाद कांग्रेस नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने से मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस पूरे मामले में कांग्रेस ने सरकार पर किसानों की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।
पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने नेशनल हाईवे पर किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और गेहूं खरीदी में अव्यवस्थाओं को लेकर आंदोलन किया था, लेकिन सरकार किसानों की समस्याएं सुनने के बजाय विपक्ष पर कार्रवाई कर रही है।
पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि मार्च से गेहूं खरीदी शुरू हुई, लेकिन अब मई आ जाने के बावजूद केवल करीब 25 प्रतिशत खरीद ही हो पाई है। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्रों पर किसानों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं और कई जगह किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार ने किसानों को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है, जिससे किसान आर्थिक संकट में फंस रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को “नींद से जगाने” के लिए कांग्रेस ने यह लड़ाई लड़ी है और किसानों के हित में पार्टी के नेता जेल जाने के लिए भी तैयार हैं।
दरअसल, हाल ही में कांग्रेस ने प्रदेशभर में गेहूं खरीदी, MSP और किसान समस्याओं को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन और चक्काजाम आंदोलन किया था। आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर हुए इस प्रदर्शन का असर कई जिलों में देखने को मिला था।
प्रदेश में गेहूं खरीदी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कई जिलों में किसानों ने खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था, अतिरिक्त तुलाई और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उमरिया समेत कई जगहों से किसानों की परेशानियों की खबरें सामने आई हैं। कांग्रेस अब इस मुद्दे को प्रदेशभर में बड़ा जनआंदोलन बनाने की तैयारी में है, जबकि भाजपा सरकार विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बता रही है।