MP Weather News: मध्य प्रदेश में मानसून मेहरबान, कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट

MP Weather Update: MP में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे में कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना है।
MP Weather Heavy Rain Alert
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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MP Heavy Rain Alert: मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना हो गया है। वहीं कई जिलों में जलभराव की स्थिति भी बनने लगी है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार रतलाम, धार, बड़वानी, शाजापुर, बैतूल, पांढुर्णा, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

20 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, उज्जैन, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, नर्मदापुरम, रायसेन, छिंदवाड़ा, सिवनी, अनूपपुर, कटनी, पन्ना, झाबुआ और अलीराजपुर में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 24 घंटे में इन इलाकों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, राजगढ़, विदिशा, सागर, जबलपुर, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

शनिवार को जमकर बरसे बादल

शनिवार को बैतूल, धार, इंदौर, उज्जैन, हरदा, सीहोर, देवास, रतलाम, मंडला, जबलपुर, पन्ना और बालाघाट समेत 20 से ज्यादा जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली। बारिश के चलते प्रदेश के कई शहरों के अधिकतम तापमान में कमी दर्ज की गई। धार सबसे ठंडा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इंदौर में 26.2, भोपाल में 30.8, उज्जैन में 31.8, जबलपुर में 33.8 और ग्वालियर में 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

जुलाई में बारिश का रिकॉर्ड

जुलाई मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश वाला महीना माना जाता है। इंदौर में 1913 में 24 घंटे के भीतर 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्ड दर्ज हुआ था। राजधानी भोपाल में जुलाई 1986 में करीब 41 इंच वर्षा हुई थी, जबकि जबलपुर में जुलाई 1930 में लगभग 45 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई थी। उज्जैन में भी जुलाई के दौरान सालाना बारिश का बड़ा हिस्सा दर्ज होता है।

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