

MP Science Technology Budget 2026 : मध्यप्रदेश सरकार ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़े निवेश की तैयारी की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में अगले पांच वर्षों के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं पर 492 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इस निवेश से प्रदेश में साइंस-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र को नई गति मिलेगी और आधुनिक तकनीक से जुड़ी योजनाओं का विस्तार होगा।
कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए वर्तमान बजट 734 करोड़ रुपये है। इसी बजट के तहत आगामी पांच वर्षों में 492 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाएं संचालित की जाएंगी। सरकार का फोकस प्रदेश में विज्ञान, तकनीक और नवाचार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने पर है।
सरकार की ओर से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अगले पांच वर्षों के लिए 492 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का प्रावधान किया गया है। इन योजनाओं के जरिए प्रदेश में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी क्षमता और आधुनिक संसाधनों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकार इसे मध्यप्रदेश को साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे ले जाने की बड़ी पहल के तौर पर देख रही है।
मंत्री राकेश सिंह ने कांग्रेस शासनकाल के बजट का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के लिए बजट महज 6 करोड़ रुपये हुआ करता था। उन्होंने मौजूदा बजट से इसकी तुलना करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को प्राथमिकता देते हुए बजट में बड़ा इजाफा किया है।
राकेश सिंह ने कहा कि बजट में यह अंतर कांग्रेस और भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। उनके मुताबिक, कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जबकि भाजपा सरकार इस क्षेत्र को विकास की गति देने के लिए प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से जिन संकल्पों की बात की है, उनकी सिद्धि में मध्यप्रदेश भी महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर प्रदेश को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
सरकार का कहना है कि आने वाले पांच वर्षों में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी योजनाओं पर होने वाला यह निवेश प्रदेश में तकनीकी ढांचे को मजबूत करने में मदद करेगा। 734 करोड़ रुपये के मौजूदा बजट और 492 करोड़ रुपये से अधिक की पांच वर्षीय योजनाओं के जरिए मध्यप्रदेश में साइंस-टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी है।