

MP Govt Employee Investment Rules: MP सरकार सिविल सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों के आचरण नियम नए सिरे से निर्धारित कर रही है। इसरकार प्रावधान कर रही है कि कोई भी अधिकारी अपने मूल वेतन से अधिक राशि का उपहार एक बार में नहीं ले सकेगा।
इसके लिए अधिकतम सीमा निर्धारित होगी। वहीं, छह महीने ह के मूल वेतन से अधिक राशि का निवेश करने पर अधिकारियो को अपने विभाग को सूचना देनी होगी।
मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम वर्ष 1965 में बने थे और इनमें आखिरी बार वर्ष 2000 में संशोधन किया गया था। अब नए संशोधन की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है।वर्तमान नियम में कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी विवाह, वर्षगांठ, अंत्येष्टि या धार्मिक समारोह जैसे अवसरों पर 1,500 रुपये से अधिक का नकद उपहार स्वीकार नहीं कर सकता लेकिन वर्तमान दौर में इसे अव्यावहारिक माना गया।
वित्त और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों की समिति ने केंद्र सरकार के प्रविधान का अध्ययन किया और यह प्रस्ताव दिया गया कि कर्मचारियों को एक बार में अपने एक माह के मूल वेतन के बराबर नकद उपहार लेने की अनुमति दी जा सकती है।हालांकि, इसे भी दो माह के मूल वेतन के बराबर करने का सुझाव दिया गया है। सीमा से अधिक राशि के उपहार, भूमि, वाहन या अन्य मूल्यवान उपहारों की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को देना अनिवार्य रहेगा। अंतिम निर्णय के लिए इसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
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वर्तमान नियमों के अनुसार विवाह, वर्षगांठ, अंत्येष्टि या धार्मिक समारोह जैसे अवसरों पर सरकारी कर्मचारी अपने निकट संबंधियों से उपहार स्वीकार कर सकता है, लेकिन इसकी एक सीमा तय है—
प्रथम व द्वितीय श्रेणी के अधिकारी: अधिकतम 1,500 रुपये
तृतीय श्रेणी कर्मचारी: 700 रुपये
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: 250 रुपये
यदि उपहार का मूल्य इससे अधिक हो तो इसकी जानकारी एक माह के भीतर सरकार को देना अनिवार्य है।