मानसून ने पूरे मध्य प्रदेश को किया कवर, कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी, रेड अलर्ट भी जारी

Madhya Pradesh Weather News: मध्य प्रदेश में मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने खंडवा और हरदा समेत कई जिलों में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
MP Monsoon Rain Alert
कॉन्सेप्ट इमेज (फोटो सोर्स- नवभारत)
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MP Monsoon Rain Alert: मध्य प्रदेश में इस बार तय समय से नौ दिन की देरी से पहुंचे मानसून ने महज नौ दिनों के भीतर पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। गुरुवार को उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के शेष जिलों में भी मानसून सक्रिय हो गया। अब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में प्रदेशभर में बारिश का सिलसिला तेज रहने की संभावना जताई है।

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार शुक्रवार को खंडवा और हरदा जिलों में अति भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान 4 से 8 इंच तक वर्षा दर्ज की जा सकती है।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं इंदौर, ग्वालियर, मुरैना, रीवा, जबलपुर, शहडोल, मंडला, सतना, सीधी, सिंगरौली समेत अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

6 जुलाई तक अति भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 6 जुलाई तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस सीजन में पहली बार लगातार दो दिनों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जिससे प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

15 जिलों में हुई तेज बारिश

गुरुवार को भोपाल सहित 15 से अधिक जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। सतना में तेज आंधी और बारिश के दौरान महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स स्कूल परिसर में एक बड़ा पेड़ गिर गया, जिसकी चपेट में आने से दो युवतियां घायल हो गईं। एक बाइक और सड़क किनारे लगा फूड स्टॉल भी क्षतिग्रस्त हो गया।

सामान्य से 23% कम हुई वर्षा

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 23 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इस सीजन में अभी तक 113.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य औसत 147.7 मिमी माना जाता है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 48 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से में यह कमी केवल 1 प्रतिशत रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जून में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के बावजूद जुलाई में अच्छी वर्षा की संभावना बनी हुई है।

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