वीर भारत न्यास मामले में जीतू पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस; तीन दिन में माफी की मांग

Jitu Patwari Defamation Notice: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को वीर भारत न्यास का ₹5 करोड़ का मानहानि नोटिस, 500 करोड़ की जमीन ₹1 में देने के आरोप को बताया भ्रामक, 3 दिन का समय।
Veer Bharat Nyas issues ₹5 crore defamation notice to Jitu Patwari
जीतू पटवारी को मिला 5 करोड़ का मानहानि नोटिस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Veer Bharat Nyas Defamation Notice To Jitu Patwari: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मुश्किलें वीर भारत न्यास से जुड़े विवाद को लेकर बढ़ती नजर आ रही हैं। शनिवार को भोपाल में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीर भारत न्यास की ओर से अधिवक्ताओं ने जानकारी दी कि पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है।

आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच से न्यास को लेकर ऐसे बयान दिए, जिनसे संस्था और उसके पदाधिकारियों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। इस घटनाक्रम के बाद यह मामला प्रदेश की राजनीति में नया विवाद बनकर उभर आया है।

500 करोड़ की जमीन को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अधिवक्ताओं ने बताया कि जीतू पटवारी ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था कि लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन वीर भारत न्यास को मात्र 1 रुपये में आवंटित कर दी गई। न्यास का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। उनका दावा है कि ऐसे बयानों से संस्था की साख प्रभावित हुई है और समाज में गलत संदेश गया है। इसी आधार पर पटवारी को 5 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है।

न्यास के सचिव की छवि धूमिल करने का आरोप

अधिवक्ताओं ने कहा कि वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। उनका कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर दिए गए इन बयानों से श्रीराम तिवारी की सामाजिक प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचा है। न्यास का मानना है कि बिना प्रमाण लगाए गए ऐसे आरोप कानूनी रूप से मानहानि की श्रेणी में आते हैं, इसलिए मानहानि नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

तीन दिन में माफी नहीं तो होगी कानूनी कार्रवाई

वीर भारत न्यास की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि जीतू पटवारी तीन दिन के भीतर मीडिया के सामने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपने बयान पर खेद व्यक्त करते हैं, तो न्यास आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करेगा। हालांकि निर्धारित समय सीमा में ऐसा नहीं होने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि वीर भारत न्यास की जमीन को लेकर पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक बयानबाजी तेज है। कांग्रेस जहां जमीन आवंटन प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है, वहीं न्यास इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अब कानूनी मोर्चे पर जवाब देने की तैयारी में है।

https://youtu.be/GQFKigAkc5o?si=AoGYRUu5Fvf-brFJ

Navbharat Live
navbharatlive.com