EXCLUSIVE: 'एमपी में समान नागरिक संहिता की कोई जरूरत नहीं...' UCC पर कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया का हमला

UCC In Madhya Pradesh: एमपी विधानसभा में यूसीसी बिल पेश होते ही गरमाई सियासत, कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कानून को बताया गैर-जरूरी, कहा- असली मुद्दों से ध्यान भटका रही सरकार।
Congress MLA Phool Singh Baraiya has opposed the proposed Uniform Civil Code (UCC) in Madhya Pradesh, saying there is no need for such a law in the state
फूल सिंह बरैया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Updated on

Phool Singh Baraiya Statement On UCC: मध्य प्रदेश सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मसौदे को कैबिनेट की मंजूरी दिए जाने के बाद कांग्रेस ने इसका विरोध तेज कर दिया है। विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने यूसीसी को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

फूल सिंह बरैया ने कहा कि प्रदेश में पहले से ही कई गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उनका आरोप है कि सरकार किसानों, बेरोजगारी और महंगाई जैसे वास्तविक मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए यूसीसी लेकर आई है। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

यूसीसी के अलावा कांग्रेस विधायकों ने उठाए यह मुद्दे

विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों ने यूसीसी के साथ-साथ खाद की कमी, किसानों की समस्याओं और अन्य मुद्दों को लेकर भी प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में विपक्ष ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और यूसीसी के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई।

मध्य प्रदेश सरकार ने यूसीसी के मसौदे को कैबिनेट में दी मंजूरी

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में समान नागरिक संहिता के मसौदे को कैबिनेट से मंजूरी दी है, जिसके बाद इसे लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सत्ता पक्ष इसे सामाजिक समानता की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, जबकि कांग्रेस इसे गैर-जरूरी और जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने वाला फैसला बता रही है।

सत्र के पहले दिन सदन में पेश हुआ यूसीसी बिल

मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले ही दिन राज्य सरकार ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक-2026 सदन में पेश कर दिया। रविवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया।

इस विधेयक का उद्देश्य मध्य प्रदेश में सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक कानून लागू करना है। यदि विधानसभा में चर्चा और मतदान के बाद यह विधेयक पारित हो जाता है तथा राज्यपाल की मंजूरी मिल जाती है, तो मध्य प्रदेश उत्तराखंड, गुजरात और असम के बाद यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला देश का चौथा राज्य बन जाएगा।

https://youtu.be/nHZiySNLoNE?si=nzGHNaw9LY30Rz4S

Navbharat Live
navbharatlive.com