

Mohan Cabinet Decision On Vijay Shah: जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में मध्यप्रदेश सरकार आज कैबिनेट बैठक में अभियोजन स्वीकृति देने पर फैसला कर सकती है। इस मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईडी) ने विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1)(ए) के तहत अभियोजन चलाने की अनुमति मांगी है। मामला लंबे समय से सरकार के स्तर पर लंबित है और अब सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले सरकार इस पर निर्णय लेने की तैयारी में है।
यदि कैबिनेट अभियोजन स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो प्रस्ताव को राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद गृह विभाग की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में शपथपत्र पेश किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को प्रस्तावित है।
विजय शाह के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का मामला करीब एक साल से लंबित बताया जा रहा है। विवादित बयान के बाद मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। जांच पूरी करने के बाद एसआईटी ने विजय शाह के खिलाफ बीएनएस की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी। सरकारी सेवक के खिलाफ अभियोजन शुरू करने से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत मध्य प्रदेश सरकार की स्वीकृति आवश्यक मानी गई है। इसी वजह से एसआईटी की रिपोर्ट के बाद भी मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए सरकार की मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी 2026 को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को अभियोजन स्वीकृति के संबंध में निर्णय लेने के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। हालांकि निर्धारित समय सीमा के बावजूद सरकार की ओर से अंतिम निर्णय नहीं हो सका और मामला लंबित रहा। अब सुप्रीम कोर्ट में 31 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई से पहले सरकार इस मामले में निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कैबिनेट के सामने अभियोजन स्वीकृति से संबंधित प्रस्ताव रखा जाएगा।
कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद इसे राज्यपाल के समक्ष भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद गृह विभाग सुप्रीम कोर्ट में सरकार के निर्णय से संबंधित शपथपत्र पेश करेगा। ऐसे में आज होने वाली कैबिनेट बैठक का फैसला इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट में 31 अगस्त को होने वाली सुनवाई से पहले सरकार के निर्णय पर सभी की नजर है। कैबिनेट द्वारा अभियोजन स्वीकृति दिए जाने की स्थिति में मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। वहीं, निर्णय के बाद सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इसकी जानकारी भी दी जाएगी।